गजरथ फेरी के साथ पंच कल्याणक का समापन, मन्दिर में विराजे भगवान...
गढाकोटा। कच्चे चावल ही ऊपर नीचे होते है,पके हुए नहीं होते है. इसी प्रकार जिन देव भी धीरे धीरे जन्म से मरण को दूर करके देवत्व को प्राप्त होते है.आपने सामोशरण देखा होगा.जिसको जिसकी प्रिया अपनी सोमनी देखता है वहीं ठहर जाता है.नन्हा सा बछड़ा अपनी माँ गाय का ही आँचल पकड़ता है.ऐसे ही एक योगी अपनी आत्मा को पहचानता है.आंनद प्रारम्भ हो जाता है. आधार करण आवृत्ति करण चूल्हे पर बैठ जाओ जो होगा अंदर ही होना है.रोटी पकाने का काम चूल्हा कर्ता है ऐसेही अपनी आत्मा को पकाना है ससुराल का द्वार दिख गया अब तो वधु मिलेगी ही मिलेगी.बेर की गुठली में से दल मिल गया.जैसे ही मोक्ष हुआ आदिनाथ परमात्मा में लीन होकर कैलाश पर्वत पर पहुंच गये. अरहनत अवस्था में भी कालीमा है.घाती का क्षय हो गया आघाती का नहीं
सम्पूर्ण देश में मुनियों का विहार हो रहा था.अगर नदियाँ एक स्थान पर ठहर जाएगी तो देश में सूखा पड़ जायेगा.इसी प्रकार योगी मुनिराजो को भी सतत प्रवास विहार करते रहना चाहिये नहीं तो धर्म भ्रष्ट हो जायेगा.कैसे जन्म लिया जाता है और किया जाता है,ये तो सब जानते है.लेकिन प्रभुता को मोक्ष को कैसे पाना है ये केवल जिन धर्म जनता माँ बेटे को बाहर जाने पर कलेवा रखती है.अलमारियों में कपड़ा नहीं जिनवाणी रखनी है.जो तुम्हारे तन की नहीं आत्मा को शुद्ध करती है. जो जिनवाणी पड़े वह श्रीमान होता है पहले मन्दिर चलो पूजा करो फिर भोजन करेंगे जो वस्तु अच्छी लगती है उसे छोड़ना नहीं
अंध घोंटक न्याय है सभी मंदिरों और वेदियों के दर्शन करना है.यह
प्रवचन आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी द्वारा गढाकोटा में धर्म सभा में लोगों को बताए गए।
प्रवक्ता विक्की जैन ने बताया कि शनिवार प्रातः नित्य पूजन अभिषेक और आदिनाथ भगवान का मोक्ष हुआ.श्री जी की रथयात्रा गजरथ परिक्रमा निकली.भगवान को वेदी में विराजमान किया गया अंतिम दिवस पर मोक्ष दिवस पर अपार श्रद्धांलु बड़ी संख्या में पटेरिया जी में पहुंची.
वहीं नगर परिक्रमा में पूर्व मंत्री विधायक गोपाल भार्गव ने निज निवास पर यात्रा की अगवानी करते हुए आचार्य भगवान का आशीर्वाद लिया. एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती संगीता मनोज तिवारी द्वारा शोभायात्रा का पानी वितरण कर स्वागत किया गया । शोभा यात्रा में सभी पात्र और समाज जन ने भक्ति भाव से जुलुस निकाला. प्रवक्ता विक्की जैन ने बताया कि आचार्य श्री विशुद्ध सागर ने घुवारा में होने वाले पंच कल्याणक के लिए विहार किया.रात्रि विश्राम बांसा पथरिया में करेंगे,सुबह विहार करते हुए ग्राम सूखा में आहार चर्या होगी.

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