बड़वानी-जल का स्रोत नहीं, बल्कि सभ्यताओं की जननी हैं। हमारी समृद्ध संस्कृति में जल संरक्षण को पुण्य का कार्य माना गया है और इसी सेवा भाव से ही सिद्धि और ख्याति प्राप्त होती है।
उक्त कथन कलेक्टर जयति सिंह ने जनपद पंचायत पाटी में आयोजित जल संचय जन भागीदारी एवं जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 की समीक्षा बैठक के दौरान व्यक्त किए। जल को केवल रोकना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भूमि में समाहित कर भू-जल स्तर को बढ़ाना भी इस अभियान का मूल ध्येय है। बैठक में श्रीमती सिंह ने निर्देशित किया कि सभी पंचायतों को आवंटित
जल संरचनाएं जैसे खेत तालाब, डग वेल और अमृत सरोवर का कार्य समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। साथ ही पोर्टल पर किए गए कार्यों की जियोटैक फोटो सावधानीपूर्वक अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने बताया नालों को तीन श्रेणियों (जीवित, अर्ध-जीवित और मृत) में वर्गीकृत किया गया। प्रथम और द्वितीय चरण के (जीवित एवं अर्ध-जीवित)
नालों में बोरी बंधान तकनीकी रूप से किए जाने पर लाभकारी सिद्ध होते हैं। इसके अतिरिक्त, हैंडपंपों की स्थिति सुधारने के लिए कलर कोडिंग (हरा, पीला और लाल) की व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत पीले रंग के चिह्नित हैंडपंपों के पास जल स्तर बढ़ाने हेतु अनिवार्य रूप से रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हर दिन महत्वपूर्ण है।

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