ओंकारेश्वर।

तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ने लगा है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही दल अपने-अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र ब्रह्मपुरी क्षेत्र बनता नजर आ रहा है।

कांग्रेस ने ग्रामीण जिला अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह की अनुशंसा पर चंपा वर्मा को नगर कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपकर साफ संकेत दे दिए हैं कि पार्टी अब स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने के मूड में है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी के संतोष वर्मा पहले से ही नगर अध्यक्ष की कमान संभाले हुए संगठन को सक्रिय बनाए हुए हैं। दिलचस्प पहलू यह है कि दोनों ही प्रमुख चेहरे ब्रह्मपुरी क्षेत्र से जुड़े हैं, जिससे यह इलाका सीधे तौर पर राजनीतिक ‘हॉटस्पॉट’ बन गया है।

 दोनों दलों ने ब्रह्मपुरी पर अपना फोकस और तेज कर दिया है। क्षेत्र में बैठकों,  अंदरूनी रणनीतियों का दौर लगातार जारी है।

उधर बीजेपी नगर परिषद में संभावित एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर भी सक्रिय हो गई है। सूत्रों के अनुसार मायाबाई केवट, देवेश पुरोहित, दौलत परिहार और दिनेश पेंटर जैसे नामों पर चर्चा जोरों पर है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन इन नामों को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो चुकी है।

अब नजर इस बात पर टिकी है कि यह सियासी बिसात आगे किस तरह बिछती है और ओंकारेश्वर की राजनीति किस करवट बैठती है। चुनाव नजदीक आते-आते यह मुकाबला और भी दिलचस्प होने के संकेत दे रहा है।