राघौगढ़ में पुलिस की बर्बरता, सोशल मीडिया पोस्ट करने पर युवक को थाने में बेरहमी से पीट-पीटकर किया अधमरा, एसपी ने दो आरक्षक किए लाइन अटैच
रामनवमी पर डीजे बजाने को लेकर हुआ था विवाद, हिन्दू संगठनों और जनता ने घेरा थाना
गुना। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गृहनगर राघौगढ़ में रामनवमी के उल्लास के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली ने शहर का माहौल गरमा दिया है। एक सोशल मीडिया पोस्ट से नाराज होकर पुलिस कर्मियों द्वारा शनिवार को एक युवक की थाने में इतनी बेरहमी से पिटाई की गई कि वह बेहोश हो गया। इस घटना के बाद आक्रोशित हिंदू संगठनों और सैकड़ों नागरिकों ने राघौगढ़ थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने तत्काल प्रभाव से दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है।
विवाद की जड़, आरती में बदतमीजी और सोशल मीडिया पोस्ट
जानकारी के अनुसार, मामला रामनवमी के जुलूस से शुरू हुआ। आरोप है कि जुलूस के दौरान बज रहे डीजे को पुलिस कर्मियों ने बंद करा दिया था। इस दौरान आरक्षक देवेंद्र नरूपा पर भगवान राम की आरती के समय बदतमीजी करने के आरोप लगे। इससे आहत होकर स्थानीय युवक नीरज सैनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली, जिसमें उसने लिखा कि प्रशासन हिंदू त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न नहीं होने दे रहा है, भगवान राम इन्हें सद्बुद्धि दें।
दुकान से उठाकर थाने में की तालिबानी पिटाई
परिजनों का आरोप है कि इस पोस्ट से नाराज होकर आरक्षक देवेंद्र नरूपा और अजय सिकरवार अन्य साथियों के साथ नीरज की दुकान पर पहुंचे और उसे जबरन उठाकर थाने ले आए। नीरज के चाचा मुकेश सैनी ने बताया कि थाने के भीतर उसे लात-घूंसों, बेल्ट और डंडों से इतनी बेरहमी से मारा गया कि वह बेसुध होकर गिर पड़ा। जब लोग थाने पहुंचे, तो वे नीरज को बेहोशी की हालत में अपने हाथों में उठाकर बाहर लाते दिखे, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
हिंदू संगठनों का फूटा गुस्सा, कस्बा छोड़ देंगे हिंदू
घटना की खबर फैलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राघौगढ़ पुलिस द्वेषपूर्ण भावना से काम कर रही है। युवाओं को 5 लीटर अवैध शराब के झूठे केसों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने चेतावनी दी कि यदि हिंदू समाज पर इसी तरह अत्याचार होता रहा और पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली नहीं सुधारी, तो वे सामूहिक रूप से राघौगढ़ छोडऩे पर मजबूर होंगे।
प्रशासनिक कार्रवाई और आश्वासन
मामले के तूल पकडऩे पर वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। एसपी हितिका वासल ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर आरक्षक देवेंद्र नरूपा और अजय सिकरवार को लाइन अटैच कर जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारी आरक्षकों के खिलाफ एफआईआर और सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस बल तैनात किया गया है।
इनका कहना है युवक के चाचा मुकेश सैनी,ने कहा कि इस पोस्ट से नाराज होकर आरक्षक देवेंद्र नरूपा और अजय सिकरवार अन्य साथियों के साथ नीरज की दुकान पर पहुंचे और उसे जबरन उठाकर थाने ले आए। थाने के भीतर उसे लात-घूंसों, बेल्ट और डंडों से इतनी बेरहमी से मारा गया कि वह बेसुध होकर गिर पड़ा।-
राघौगढ़ पुलिस की बर्बरता सोशल मीडिया पोस्ट पर युवक की पिटाई

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