निजी स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिले की प्रक्रिया शुरू, 2 अप्रैल को खुलेगी लॉटरी

रिपोर्टर: बसीम उददीन

स्थान: श्यामपुर-सीहोर

शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों पर दाखिले के लिए दावेदारी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले के लगभग 740 निजी स्कूलों में इस वर्ष आरटीई के लिए 2700 से अधिक सीटें आरक्षित की गई हैं। शासन ने यह प्रक्रिया समय पर शुरू की है ताकि सत्र की शुरुआत होते ही पढ़ाई प्रारंभ हो सके। कार्यक्रम के अनुसार, 2 अप्रैल को लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी और अलॉटमेंट पाने वालों के दाखिले 15 अप्रैल तक पूरे कर लिए जाएंगे।

हालांकि आरटीई सीटों की मांग अधिक है, फिर भी हर वर्ष बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि अधिकतर अभिभावक प्राथमिकता सूची में केवल नामी स्कूलों को रखते हैं। जब अन्य स्कूल अलॉट होते हैं तो वे बच्चों का दाखिला नहीं कराते। पिछले सत्र 2025-26 में जिले में करीब 2100 सीटों के लिए 3500 से अधिक आवेदन आए थे, लेकिन फिर भी 150 से अधिक सीटें खाली रह गई थीं।

प्रमुख कारण:

  • पसंदीदा स्कूल का मोह: लॉटरी में टॉप स्कूल के स्थान पर जब सामान्य निजी स्कूल अलॉट होता है तो अभिभावक प्रवेश से इनकार कर देते हैं।
  • दस्तावेजों की सख्ती: आधार कार्ड, समग्र आईडी, आय प्रमाण पत्र में विसंगतियों के कारण कई आवेदन निरस्त हो जाते हैं। सत्यापन में 10 से 15 प्रतिशत आवेदक बाहर हो जाते हैं।
  • दूरी और परिवहन: तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले बच्चों को प्राथमिकता मिलती है, लेकिन कई अभिभावक दूर के बड़े स्कूल का विकल्प भर देते हैं। जब लॉटरी में नाम आता है और परिवहन की समस्या होती है तो वे दाखिला नहीं कराते।

इस बार विभाग ने 13 मार्च से प्रक्रिया शुरू की है। लॉटरी के बाद 15 अप्रैल तक दाखिले पूरे कराने का लक्ष्य है ताकि बच्चों का शैक्षणिक सत्र खराब न हो। अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल नामी स्कूलों के पीछे न भागें और क्षेत्र के अन्य गुणवत्तापूर्ण स्कूलों को भी प्राथमिकता दें, ताकि बच्चों को निजी स्कूल में निशुल्क पढ़ने का मौका मिल सके।