चैत्र नवरात्रि पर्व पर सागर जिले की देवरी में विराजमान बूढ़ी खेर माई धूमावती बनी आकर्षण का केंद्र
भक्तों को सपने में आकर बूढी खेर माई ने प्रतिमा स्थापित करने किये थी बात भक्त ने मां की बात मानकर जबलपुर की तर्ज पर बनवाई बूढी खेर माई की प्रतिमा
बूढ़ी खेर माई के दरबार में नर्मदा जल ग्रहण कर शरीर पर जवारे बोए साधना में लीन युवक जगदीश विश्वकर्मा
देवरी कलां/चैत्र नवरात्रि में मां बूढ़ी खेर माई धूमावती की साधना में भक्तों द्वारा मां बूढी खेरमाई धूमावती की प्रतिमा विराजमान की गई है जो की जमकर सागर जिले में वायरल हो रही है जिसे देखने दूर दरार भक्तगण माता के दर्शन बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं जहां सागर जिले की देवरी मैं मैं छोटी छोटी माई दरबार के तत्वदान में बूढी खेर धूमावती माता का चैत्र नवरात्रि पर मे प्रतिमा की स्थापना की गई है जो की बूढ़ी खेर माता के रूप में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है
बूढ़ी खेर माई धूमावती छोटी माई दरबार के तत्वदान में सागर जिले की देवरी छोटी माई मंदिर देवरी से 1 किलोमीटर दूरी पर मुआर रोड पर बूढी खेरमाई की स्थापना की गई है जहां नवरात्रि के नो दिन माता बूढी खेरमाई धूमावती माता ने अपने भक्त को स्वर्ण में आकर स्थापना करने की बात कही थी और भक्तों द्वारा चैत्र नवरात्रि पर जवारो के साथ माता का दरबार लगाया गया है मूर्ति का नीरज नामदेव द्वारा बूढी खेरमाई धूमावती की प्रतिमा बुजुर्ग रूप में बनाई गई है जो आकर्षित का केंद्र बनी हुई है जहां माता के दरबार में भक्ति जगदीश विश्वकर्मा द्वारा अपने शरीर पर 9 दिन जवारे बुआकर कठिन तपस्या में ली है बुद्धि खेर में के प्रति श्रद्धा और आस्था का यह अद्भुत नजारा सागर जिले की देवी के सहजपुर रोड छोटी माई दरबार में देखने को मिला है जहां भक्ति जगदीश विश्वकर्मा ने अपने शरीर पर जवारे लगाकर 9 दिन तक मां नर्मदा का जल ग्रहण करते हैं

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