सीधी को मिला नया कलेक्टर: IAS विकास मिश्रा की तैनाती, संवेदनशील कार्यशैली के लिए मशहूर
🟥 STATE NEWS | AI JOURNALIST SURAJ KUMAR
📍 सीधी, मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव की सख्ती के बाद सीधी जिले में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को हटाने के कुछ ही घंटों के भीतर 2013 बैच के आईएएस अधिकारी विकास मिश्रा को नया कलेक्टर नियुक्त कर दिया गया।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विकास मिश्रा को सीधी की कमान सौंपी गई है। उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में है जो सीधे जनता से जुड़कर त्वरित समाधान देने के लिए जाने जाते हैं।
✋ जब महिला की हथेली पर लिखा अपना नंबर
डिंडोरी में कलेक्टर रहते हुए विकास मिश्रा का एक किस्सा काफी चर्चित रहा। नर्मदा तट निरीक्षण के दौरान एक बैगा आदिवासी महिला ने सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने की शिकायत की। इस पर मिश्रा ने तुरंत उसकी हथेली पर अपना मोबाइल नंबर लिखते हुए कहा—
👉 "अगर काम न हो तो सीधे मुझे कॉल करना।"
यह घटना उनकी संवेदनशीलता और जवाबदेही की मिसाल बन गई।
💰 रिश्वतखोरी पर तत्काल कार्रवाई
डिंडोरी में ही एक महिला ने नक्शा-खसरा के नाम पर 3000 रुपये रिश्वत लेने की शिकायत की थी। इस पर कलेक्टर ने मौके से ही सीएमओ को फोन लगाकर पैसे वापस करवाने के निर्देश दिए और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
⚠️ सीधी में क्यों हुआ बदलाव
सीधी जिले में पिछले कुछ समय से प्रशासनिक ढिलाई और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही थीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद औचक निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और कलेक्टर को हटाने का निर्णय लिया।
🎯 सरकार का साफ संदेश
विकास मिश्रा की तैनाती यह संकेत देती है कि सरकार अब ऐसे अधिकारियों को जिम्मेदारी दे रही है जो—
✔ सीधे जनता से जुड़ें
✔ मौके पर समाधान दें
✔ जवाबदेही के साथ काम करें
📌 प्रशासनिक प्रोफाइल
विकास मिश्रा इससे पहले—
अपर सचिव, मुख्यमंत्री
आर्थिक एवं सांख्यिकी आयुक्त
राज्य सांख्यिकी आयोग के पदेन सचिव
जैसे अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
👉 निष्कर्ष:
सीधी में विकास मिश्रा की नियुक्ति को एक मजबूत प्रशासनिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि वे जिले में भ्रष्टाचार और ढिलाई पर कितनी तेजी से नियंत्रण स्थापित कर पाते हैं।

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