सिहावल में जनआक्रोश फूटा: जनसमस्याओं को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा

STATE NEWS AI JOURNALIST SURAJ KUMAR 

सिंगरौली-सीधी अंचल के सिहावल जनपद में आज जनसमस्याओं को लेकर बड़ा राजनीतिक और जनआंदोलन का माहौल देखने को मिला। पूर्व मंत्री एवं CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल के नेतृत्व में क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर एसडीएम को माननीय राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

यह ज्ञापन सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि क्षेत्र की लंबे समय से उपेक्षित समस्याओं का एक मजबूत दस्तावेज बनकर सामने आया, जिसमें प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।

किसानों और जनता के मुद्दों की लंबी सूची

  • ज्ञापन में बढ़े हुए बिजली बिलों को प्रमुख मुद्दा बताया गया, जिससे किसान और गरीब परिवार आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।
  • मनरेगा कार्यों में बाधाएं, मजदूरों को समय पर भुगतान न मिलना और योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को भी गंभीर समस्या बताया गया।
  • लंबित पेंशन प्रकरणों को लेकर बुजुर्गों की परेशानी, प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तों में देरी और फसल बीमा भुगतान में अनियमितता को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए।

कानून व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं पर भी सवाल

  • ज्ञापन में क्षेत्र में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार, रेत परिवहन में अनियमितताओं और प्रशासनिक नियंत्रण की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की गई।
  • साथ ही पेयजल संकट, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों एवं अन्य अधोसंरचनात्मक समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।

अतिवृष्टि और रेल परियोजना से प्रभावित किसान

  • ज्ञापन में अतिवृष्टि से फसल नष्ट होने के बावजूद किसानों को मुआवजा न मिलने की स्थिति को गंभीर बताया गया।
  • ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना से प्रभावित किसानों को वर्षों से लंबित मुआवजा भुगतान न होने को प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताते हुए तत्काल भुगतान की मांग की गई।

संघर्ष जारी रखने की चेतावनी

ज्ञापन सौंपते हुए नेतृत्वकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई जनता के अधिकारों और किसानों के सम्मान की है, जो तब तक जारी रहेगी जब तक न्याय नहीं मिल जाता।”

सिहावल में इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है और क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।