शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा: टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग
गुना। मध्य प्रदेश अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा जिला इकाई गुना के बैनर तले बुधवार को जिलेभर के शिक्षकों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर संजीव खेमरिया को सौंपा।
ज्ञापन में मुख्य रूप से शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने और सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
शिक्षकों की मांगें
- टीईटी की अनिवार्यता समाप्त: शिक्षक नेताओं ने बताया कि आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त नॉन-टीईटी शिक्षकों को पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के निर्देश पूरी तरह से नियम विरुद्ध हैं।
- सेवा अवधि गणना: शिक्षकों की पुरानी मांग है कि उनकी सेवा अवधि की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए ताकि उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण जैसे वैधानिक लाभ मिल सकें।
संयुक्त मोर्चा ने मांग की है कि 2 मार्च 2026 और 26 मार्च 2026 को जारी किए गए विभागीय आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए, जिससे प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों को अनावश्यक तनाव से मुक्ति मिल सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक संघ के पदाधिकारी और जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षकों का कहना है कि जब तक नियुक्ति दिनांक से सेवा की गणना नहीं होती, तब तक उन्हें वैधानिक लाभों से वंचित रहना पड़ेगा।
शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि पदोन्नति और क्रमोन्नति की भांति इन लाभों को भी सुनिश्चित किया जाए।

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