रीवा: ठंड के मौसम में एक अनोखा श्रद्धांजलि का दृश्य देखने को मिला जब शहीद सीआरपीएफ जवान नारायण सोनकर की प्रतिमा को उनके पुत्र और पुत्रवधू ने गर्म कपड़े पहनाए। यह घटना रीवा जिले के त्यौंथर तहसील के गंगतीराकला गांव में घटित हुई, जहां शहीद के परिवार ने अपने बहादुर पिता को याद करते हुए उन्हें सम्मान दिया।
शहीद नारायण सोनकर 24 अप्रैल 2017 को छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सलाइट हमले में शहीद हो गए थे। इस हमले में देश ने 25 जांबाज जवानों को खो दिया था, जिनमें नारायण सोनकर भी शामिल थे।
सम्मान और स्नेह की अनूठी अभिव्यक्ति:
प्रतिमा को गर्म कपड़े पहनाकर बेटे दीपक सोनकर और उनकी पत्नी ने पिता के प्रति अपने सम्मान और स्नेह को प्रकट किया। दीपक सोनकर ने कहा, "मेरे पिता मेरे रीयल लाइफ के हीरो थे। वे जब भी छुट्टी में आते थे, तो ठंड से बचाने के लिए कपड़े लाते थे।" दीपक ने यह भी बताया कि उनके पिता मार्च 2017 में आखिरी बार होली मनाने आए थे। इसके बाद, जब वे ड्यूटी पर लौटे, तो उनकी वापसी ताबूत में हुई। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
परिवार का संकल्प:
दीपक और उनकी पत्नी ने ठंड के मौसम में शहीद की प्रतिमा को गर्म कपड़े पहनाकर यह संदेश दिया कि फर्ज की राह पर जान देने वाले कभी अकेले नहीं होते। वे अपने परिवार और देश के दिलों में हमेशा जिंदा रहते हैं।
यह अनोखी श्रद्धांजलि न केवल नारायण सोनकर के प्रति उनके परिवार के प्यार को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि शहीदों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।

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