बर्रीघाट में बेतवा नदी के पावन तट पर आयोजित हिन्दू सम्मेलन में समाज को आत्मगौरव का बोध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से हुई, जिसके बाद सुन्दर काण्ड का आयोजन किया गया।

मुख्य वक्ता का आह्वान

सम्मेलन के मुख्य वक्ता, विदिशा विभाग के मार्ग प्रमुख रामकमल रघुवंशी ने समाज को जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में भारत ने महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

भारत की उपलब्धियाँ

  • भारत के ऋषि मुनियों और वैज्ञानिकों के योगदान को रेखांकित किया गया।
  • विदेशी आक्रांताओं ने इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया, जिसे सही परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है।

समाज को जागरूक करने का संदेश

रामकमल रघुवंशी ने समाज से अपील की कि वे अपने देश के गौरव के लिए एकजुट हों, नागरिक कर्तव्यों का पालन करें और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें। उन्होंने देश विरोधी गतिविधियों के प्रति सजग रहने और उनका सामना करने में सक्षम बनने का आग्रह किया।

सम्मेलन में सहभागिता

कार्यक्रम में खण्ड संघचालक शिवप्रसाद तिवारी, धर्मजागरण के विकास बघेल, खण्ड शारीरिक प्रमुख गोविन्द नारायण विश्वकर्मा समेत अन्य ग्रामों के ग्रामीण भी शामिल हुए।

अंत में, सभी ने सामूहिक रूप से भोजन का आनंद लिया, जिससे समुदाय में एकजुटता का संदेश प्रसारित हुआ।