प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद धार जिले में आबकारी विभाग सक्रिय हो गया है। अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने और सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए विभाग उप-आबकारी आयुक्त इंदर सिंह जामोद ने जिले के लाइसेंसधारी शराब ठेकेदारों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अवैध शराब की बिक्री की सूचना तत्काल विभाग को देने और अमानक शराब की जानकारी मिलने पर अधिकारियों को अवगत कराने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और प्रभावी कार्रवाई के लिए रणनीति में भी बदलाव किया गया है।

वीओ :
धार जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। आयोजित बैठक में जिले के लाइसेंसधारी शराब ठेकेदारों और संबंधित लोगों से अवैध शराब की गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य सूचना तंत्र को मजबूत करना, अवैध शराब की बिक्री से जुड़ी जानकारियां जुटाना और संबंधित लोगों की समस्याओं को समझना रहा। विभाग ने ठेकेदारों से अपील की कि उनके क्षेत्रों में कहीं भी अवैध शराब की बिक्री की जानकारी मिलती है, तो तत्काल आबकारी विभाग को सूचित करें। वहीं, अमानक शराब की जानकारी मिलने पर भी विभाग को अवगत कराने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान की समीक्षा करते हुए अब नई रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

सहायक आयुक्त आबकारी विभाग दीपक कुमार अवस्थी ने बताया
बैठक में अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा करने, संबंधित लोगों की समस्याएं जानने और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर चर्चा की गई। अभियान की समीक्षा के बाद रणनीति में कुछ बदलाव किए गए हैं और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

जहरीली शराब से होने वाले गंभीर परिणामों को देखते हुए आबकारी विभाग के सामने अब अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण और समय रहते सूचना जुटाने की चुनौती है। ऐसे में विभाग की नई रणनीति और ठेकेदारों से मिलने वाली सूचनाएं आने वाले दिनों में कार्रवाई की दिशा तय करेंगी।


धार से जफर अली की रिपोर्ट...