मध्यप्रदेश में वकील की हत्या के विरोध में 'प्रतिवाद दिवस', सुरक्षा की मांग
केसली (सागर) - शिवपुरी जिले के करेरा में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की निर्मम हत्या ने प्रदेश के कानूनी जगत को हिला कर रख दिया है। इस घटना के विरोध में, मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के आह्वान पर आज, 16 फरवरी को प्रदेश भर के वकील 'प्रतिवाद दिवस' मना रहे हैं। इस दौरान, अधिवक्ता अदालती कार्यवाही से दूर रहकर सरकार से सुरक्षा की मांग करेंगे।
विरोध का कारण
वकीलों में सुरक्षा को लेकर गहरा डर और असंतोष व्याप्त है। जिला अधिवक्ता संघ सागर के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि अपराधी अब कानून के रक्षकों को भी निशाना बनाने से नहीं हिचकिचा रहे हैं। जब तक प्रदेश में 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' लागू नहीं होता, तब तक वकील खुद को असुरक्षित महसूस करते रहेंगे।
आज की प्रमुख गतिविधियां
- कार्य का बहिष्कार: सागर जिला मुख्यालय सहित सभी तहसील न्यायालयों के वकील न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे।
- मौन विरोध और रैली: दोपहर 1 बजे सागर के सभी अधिवक्ता जिला न्यायालय परिसर में एकत्रित होंगे।
- ज्ञापन प्रदर्शन: अधिवक्ता समूह में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। जबकि तहसील में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
अधिवक्ताओं की मुख्य मांगें
- एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट: अधिवक्ताओं पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए विशेष कानून तत्काल लागू किया जाए।
- सुरक्षा की गारंटी: कोर्ट परिसर और बाहर अधिवक्ताओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए।
- कठोर कार्यवाही: शिवपुरी हत्याकांड के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल चलाया जाए।
आज के इस प्रदेशव्यापी आंदोलन के चलते अदालतों में मुकदमों की सुनवाई प्रभावित होने की संभावना है। वकीलों का यह विरोध स्पष्ट संदेश है कि सुरक्षा की मांग अब केवल अपील नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।
जितेंद्र सिंह राजपूत, अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ सागर, ने कहा, "अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमले चिंताजनक हैं। शिवपुरी की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी अब बेलगाम हो चुके हैं। हमें काम करने के लिए सुरक्षा चाहिए, और इसके लिए प्रोटेक्शन एक्ट अनिवार्य है।"
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