संजय गांधी ताप विद्युत मंडल में बाउंड्री वॉल निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
बिरसिंहपुर पाली स्थित संजय गांधी ताप विद्युत मंडल की बाउंड्री वॉल के निर्माण में गड़बड़ियों की गंभीर बातें सामने आई हैं। हाल ही में ढही इस दीवार का पुनः निर्माण हो रहा है, परंतु इसकी गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
नियमों की अनदेखी!
निर्माण के नियमों के अनुसार नई ईंटों का इस्तेमाल आवश्यक था, परंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पुरानी ईंटों को दोबारा इस्तेमाल कर काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है ताकि ठेकेदार को पूरे पैसे मिल सकें।
- सीमेंट और अन्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच का अभाव।
- निर्माण मानकों का पालन नहीं।
सिविल विभाग की अनुपस्थिति
इतने बड़े निर्माण कार्य के दौरान सिविल विभाग का कोई अधिकारी मौजूद नहीं है। क्या बिना निगरानी के ही लाखों के काम निपटाए जा रहे हैं?
प्लांट से कॉलोनी तक फैला लीपा-पोती का खेल
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह अकेला मामला नहीं है। प्लांट से लेकर कॉलोनी तक कई काम सिर्फ दिखावटी मरम्मत द्वारा किए जा रहे हैं, जबकि ठेकेदारों की जेबें भरी जा रही हैं।
मजदूरों का शोषण
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ठेकेदार मजदूरों से कम दर पर काम करवा रहे हैं और श्रम कानूनों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। न तय मजदूरी, न सुरक्षा, न अधिकार।
क्या मंडल प्रबंधन अनजान है?
अब सवाल यह है कि क्या मंडल प्रबंधन इन अनियमितताओं से अनजान है या फिर जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है? इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जनहित में यह सवाल उठता है कि अगर बाउंड्री वॉल जैसे सुरक्षा से जुड़े निर्माण में गुणवत्ता से समझौता होगा, तो बड़े प्रोजेक्ट्स का क्या हाल होगा?

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