📰 दहेज हत्या मामले में 4 दोषियों को 7-7 साल की सजा

STATE NEWS AI JOURNALIST SURAJ KUMAR 

सीधी: जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र से जुड़े दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में अपर सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी पति, सास-ससुर और देवर को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपियों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

मामला 4 अप्रैल 2023 का है, जब ग्राम जमुई में विवाहिता सविता की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या प्रतीत हुई, लेकिन मृतिका के मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया।

जांच में सामने आया कि ससुराल पक्ष द्वारा लगातार 2 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर सविता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। घटना से कुछ दिन पहले ही उसने अपने पिता को फोन कर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर पर्याप्त साक्ष्य जुटाए और न्यायालय में पेश किए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए।

न्यायालय ने आरोपी जीतेन्द्र द्विवेदी, लालजी द्विवेदी, मनबसुआ द्विवेदी और बृजेन्द्रनाथ द्विवेदी को भारतीय दंड संहिता की धारा 304बी (दहेज मृत्यु) के तहत दोषी ठहराया। इसके अलावा धारा 498ए और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

मामले में अपर लोक अभियोजक श्रद्धा सिंह की अहम भूमिका रही। यह फैसला दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।