आलोट। एमडी ड्रग्स तैयार करने में उपयोग होने वाले केमिकल की खेप पकड़ने में आलोट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आलोट के श्याम ट्रांसपोर्ट से दो नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम जब्त किए, जिनमें कुल 110 किलो 140 ग्राम 2-ब्रोमो-4 मिथाईलप्रोपिफिनेन केमिकल मिला। जब्त केमिकल की कीमत पुलिस ने 8 लाख 26 हजार 50 रुपए बताई है।

पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार यह कार्रवाई 25 अगस्त 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना थी कि एमडी ड्रग्स तैयार करने में उपयोग होने वाला केमिकल इंदौर से आलोट ट्रांसपोर्ट के माध्यम से आने वाला है। सूचना पर आलोट पुलिस श्याम ट्रांसपोर्ट पहुंची और तलाशी कार्रवाई की।

तलाशी के दौरान ट्रांसपोर्ट कार्यालय के पास की दुकान पर रखे दो नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम मिले। पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए ड्रमों की जांच की गई। एक ड्रम में 55.140 किलोग्राम तथा दूसरे ड्रम में 55 किलोग्राम 2-ब्रोमो-4 मिथाईलप्रोपिफिनेन केमिकल पाया गया। दोनों ड्रमों से कुल 110.140 किलोग्राम केमिकल बरामद हुआ।

एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज

पुलिस ने जब्त केमिकल की कीमत ₹8,26,050 बताई है। मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ थाना आलोट में अपराध क्रमांक 446/2026 के तहत धारा 27क एवं 30 एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि केमिकल किसने भेजा था, कहां से भेजा गया और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था।

एसपी के निर्देश पर कार्रवाई, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम सक्रिय

प्रेस नोट के मुताबिक पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विवेक कुमार लाल और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में थाना आलोट पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश पाटीदार, प्रआर 20 राहुल राठौर, आरक्षक 02 सुनील, आरक्षक 1177 शुभम भाटी, आरक्षक 710 लोकेन्द्र शर्मा, आरक्षक 955 रोनक पोरवाल, आर चालक 182 अनिल, एनसीबी इंदौर जोन के उप निरीक्षक हर्षित सोनी तथा आरक्षक ईश्वर चन्द्रना का सराहनीय योगदान रहा।

अब जांच का फोकस—केमिकल का स्रोत और गंतव्य

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का सबसे अहम पहलू यह है कि एमडी ड्रग्स तैयार करने में उपयोग होने वाला इतना बड़ा केमिकल का जखीरा आलोट तक कैसे पहुंचा और इसे आगे कहां भेजा जाना था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को अज्ञात बताया है और मामले की विवेचना जारी है।

पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ इस खेप के पीछे जुड़े लोगों और इसके स्रोत एवं गंतव्य का खुलासा होने की उम्मीद है।