देहरा तिजारा में सजेगा आत्मशांति का पर्व, 16 से 25 सितम्बर तक होगा उपासक धर्म संस्कार शिविर

तिजारा, अलवर, राजस्थान। (संवाददाता मुकेश कुमार जैन)। दसलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को शुद्ध-सात्विक श्रावक चर्या, संयम एवं आत्मसाधना से जोड़ने के उद्देश्य से उपासक धर्म संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। दस दिवसीय यह शिविर 16 से 25 सितम्बर 2026 तक श्री चन्द्र तीर्थ मण्डपम्, अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा में आयोजित होगा।

“देहरे वाले बाबा के द्वार, आत्मशांति का त्यौहार” की पावन भावना के साथ आयोजित इस शिविर में परम पूज्य जिनागम पंथ प्रवर्तक, भावलिंगी संत श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज का मंगल सान्निध्य प्राप्त होगा।

दसलक्षण महापर्व जैन धर्म में आत्मशुद्धि, संयम, तप एवं साधना का विशेष पर्व माना जाता है। इसी भावना को जीवन में आत्मसात करने के उद्देश्य से आयोजित शिविर में श्रद्धालुओं को शुद्ध-सात्विक श्रावक जीवनचर्या का पालन करने तथा धर्म एवं अध्यात्म के प्रति अपनी आस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का अवसर मिलेगा।

आयोजकों के अनुसार यह शिविर केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संस्कार और जीवन को नई दिशा देने वाला आध्यात्मिक संगम है। वर्तमान की भाग-दौड़ भरी जीवनशैली से कुछ समय निकालकर आत्मा के निकट आने और धर्ममय जीवन को अनुभव करने का यह विशेष अवसर है।

शिविर में सम्मिलित होने के इच्छुक श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। आयोजकों ने सकल समाज, परिवारों एवं धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में शिविर से जुड़कर इस पुण्य अवसर का लाभ लेने का आह्वान किया है।

शिविर की प्रमुख जानकारी

शिविर अवधि: 16 से 25 सितम्बर 2026
स्थान: श्री चन्द्र तीर्थ मण्डपम्, अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा
मंगल सान्निध्य: श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज

आयोजक: प्रबन्धकारिणी समिति, श्री चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, देहरा तिजारा

निवेदक: सकल दिगम्बर जैन समाज, तिजारा, जिला खैरथल (राजस्थान)

जिनागम पंथ जयवंत हो।