आलोट। मोहर्रम की 10वीं तारीख (आशूरा) पर गुरुवार को आलोट नगर गम-ए-हुसैन की अकीदत में डूबा नजर आया। 'या हुसैन' की गूंज, मातमी माहौल और धार्मिक जोश के बीच नगर के विभिन्न क्षेत्रों से निकले नौ ताजियों के कारवां ने पूरे नगर को श्रद्धा और भाईचारे के रंग में रंग दिया। ताजियों के दर्शन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में जायरिन और अकीदतमंद पहुंचे।
मेवाती पुरा, फकीर मोहल्ला, दरगाह मोहल्ला, खुदवाड़ी मोहल्ला, अंजुमन कॉलोनी, मेवाती मोहल्ला, विक्रमगढ़, प्रमिला गंज सहित विभिन्न क्षेत्रों से मन्नत के ताजियों के साथ नौ ताजियों के कारवां निकले। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते इन कारवां का जगह-जगह स्वागत किया गया। कई स्थानों पर समाजसेवियों द्वारा शर्बत, ठंडे पेयजल एवं अन्य सेवा व्यवस्थाएं की गईं, जिससे पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा।
मोहर्रम की रात धार्मिक आयोजनों से सराबोर रही। विभिन्न स्थानों से आए प्रसिद्ध बैंड दलों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, वहीं कव्वालों ने इमाम हुसैन की शहादत को समर्पित मर्सिये, मनकबत और कलाम पेश कर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। देर रात तक कलामों और अकीदत का सिलसिला जारी रहा, जिसे सुनने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
इस अवसर पर विभिन्न अंजुमनों के साथ बाहर से आए प्रसिद्ध बैंड दलों ने भी अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से मोहर्रम की रौनक बढ़ाई। ताजिया अंजुमन पंचायत के साथ ताज बैंड (मनासा), हुसैनी कमेटी, खुदवाड़ी मोहल्ला के साथ प्रकाश बैंड (बड़नगर), शाह कलंदर पंचायत, मेवाती मोहल्ला के साथ जय हिन्द बैंड (महिदपुर) तथा मेवाती मोहल्ला, विक्रमगढ़ के साथ सरदार बैंड (नामली) ने जुलूसों में शामिल होकर धार्मिक माहौल को और भी भव्य एवं आकर्षक बना दिया।
देर रात सभी ताजिए दरगाह मोहल्ला स्थित छत्ताशाह वली दरगाह परिसर में बने कर्बला पहुंचे, जहां परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार छिटे की रस्म अदा की गई। रस्म के बाद सभी ताजियों को श्रद्धापूर्वक उनके-अपने मुकाम तक पहुंचाया गया।
मोहर्रम पर्व को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। एसडीओपीपल्लवी गौर, थाना प्रभारी योगेश पाटीदार,,तहसीलदार वंदना किराड़े , नायब तहसीलदार राजेश पाटीदार, तथा सब इंस्पेक्टर मनोज पाटीदार ने स्वयं नगर के संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी की। पुलिस अधिकारियों ने चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए रखी, जबकि गश्ती वाहन पूरे नगर और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सर्चिंग करते रहे। प्रशासन की सतर्कता और पुलिस की मुस्तैदी के चलते मोहर्रम का पूरा आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
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