*चमत्कारिक हनुमान मंदिर के दुकानदारों का दर्द | 15 साल से दुकान कर रहे लोगों को बेदखल, बोले- "आजिविका बचाओ"*
पांढुर्णा के चमत्कारिक हनुमान मंदिर परिसर के दुकानदार पहुंचे विधायक निज निवास जनता दरबार के दौरान अपनी व्यथा साझा की।
दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले लगभग 15 वर्षों से मंदिर परिसर में हार-फूल, पूजन सामग्री तथा अन्य सामान बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। लेकिन अब मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा उन्हें मंदिर परिसर से बेदखल किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित दुकानों की नीलामी ट्रस्ट द्वारा की जा रही है, परंतु वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को कोई प्राथमिकता नहीं दी जा रही।
दुकानदारों की मांग है कि उन्हें दुकान संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। दुकानदारों का आरोप है कि मंदिर ट्रस्ट समिति उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
जानकारी के अनुसार हल्दीराम को लगभग ₹5 करोड़ की राशि में एक बड़ी दुकान नीलाम की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार SC, ST, विधवा महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को नीलामी में प्राथमिकता एवं आरक्षण दिया जाता है, लेकिन ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। दुकानों की नीलामी राशि अत्यधिक होने से इसमें केवल पूंजीपति ही भाग ले सकते हैं। मध्यमवर्गीय परिवार और आम आदमी दुकान लेने का सपना भी नहीं देख सकता।
नियम के अनुसार मंदिर ट्रस्ट समिति के पदाधिकारी स्वयं अथवा अपने परिवार के नाम से दुकान की नीलामी में भाग नहीं ले सकते। इस पर भी जिला कलेक्टर महोदय से ध्यान देने की मांग की गई है।
साथ ही मांग की गई है कि भक्तजनों के ठहरने के लिए मंदिर परिसर में पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वर्तमान में केवल 12 कमरे हैं जो अधिकांश समय VIP लोगों के लिए आरक्षित रहते हैं। शेगांव के श्री गजानन महाराज मंदिर की तर्ज पर यहां भी विशाल सामुदायिक भवन एवं भक्त निवास बनाया जाए, ताकि हनुमान जयंती और गुरु पूर्णिमा पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को सड़क और बारिश में रात न बितानी पड़े।
दुकानदारों को आश्वासन दिया गया है कि उनके अधिकारों और आजीविका की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ी जाएगी। मांग है कि जिला कलेक्टर महोदय दुकानों की नीलामी के लिए पारदर्शी नीति बनाएं और पुराने दुकानदारों व स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दे
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