डाकन के शक ने ली 68 वर्षीय महिला की जान, सोते समय सिर पर वार कर हत्या; चार आरोपी गिरफ्तार


शव को कंबल में लपेटकर बोरे में भरा, टेम्पो से तालाब तक ले जाकर फेंका; पुलिस ने 48 घंटे में किया हत्याकांड का खुलासा

रिपोर्टर मुस्तकीम मुगल
आलीराजपुर, 18 अगस्त 2026। चन्द्रशेखर आजादनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सेजावाड़ा में 68 वर्षीय वृद्ध महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला को डाकन बताकर उसके साथ विवाद और मारपीट की गई थी, जिसके बाद आरोपियों ने उसके घर में सोते समय सिर पर भारी एवं बुथरी वस्तु से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पहचान और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को कंबल में लपेटकर बोरे में भरा गया और टेम्पो से ले जाकर तालाब में फेंक दिया गया।भाई की मौत को लेकर था महिला पर शकपुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया के अनुसार आरोपी अजय हटीला की माता की करीब 5-6 माह पहले मृत्यु हुई थी। इसके बाद घटना से लगभग 5-7 दिन पहले उसके भाई संजय की भी मौत हो गई थी। अजय को अपने भाई की मौत के संबंध में मृतिका कालीबहन पर संदेह था। इसी अंधविश्वास और शक के चलते कालीबहन को डाकन बताया गया और उसके साथ विवाद किया गया।मृतिका कालीबहन पति मक्का भाई डामोर, उम्र 68 वर्ष, निवासी सेजावाड़ा चौकी फलिया अपने घर में सो रही थी। इसी दौरान आरोपियों ने उसके सिर पर भारी एवं बुथरी वस्तु से वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई।हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने की साजिशहत्या के बाद आरोपियों ने शव को कंबल में लपेटा और बोरे में भरकर बांध दिया। इसके बाद शव को टेम्पो के माध्यम से सेजावाड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित तालाब तक ले जाया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों में से एक व्यक्ति टेम्पो से आगे चलकर रास्ते की रेकी कर रहा था, ताकि शव ले जाते समय किसी की नजर उन पर न पड़े।तालाब तक पहुंचने के बाद आरोपियों ने शव को पानी में फेंक दिया और वहां से चले गए। आरोपियों का उद्देश्य हत्या की वारदात को छिपाना और शव को नष्ट करना था।15 अगस्त को तालाब में मिली शव की पोटली15 अगस्त 2026 को मृतिका के परिजनों को सेजावाड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित तालाब के पास पानी में नीले रंग के कंबल में लिपटी एक पोटली दिखाई देने की सूचना मिली। शव होने की आशंका पर परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। पोटली को तालाब से बाहर निकाला गया तो कंबल के अंदर कालीबहन का शव मिला।सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। थाना चन्द्रशेखर आजादनगर में मर्ग क्रमांक 68/2026 धारा 194 BNSS कायम किया गया।पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राजमर्ग जांच के दौरान मृतिका की पुत्री रमीला पति मुकेश संगाडिया, उम्र 32 वर्ष, निवासी दाहोद, गुजरात के बयान लिए गए। बेटी ने पुलिस को बताया कि घटना से कुछ दिन पहले उसकी मां ने फोन पर बताया था कि अजय हटीला, राजेश हटीला, मुकेश मावी, नरू मावी एवं दिनेश मावी उसके घर आए थे और उसे डाकन बताते हुए विवाद एवं मारपीट की थी।वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर किसी भारी एवं बुथरी वस्तु से चोट लगने तथा मस्तिष्क के अंदर रक्तस्राव होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इसे हत्या का मामला मानते हुए थाना चन्द्रशेखर आजादनगर में अपराध क्रमांक 354/2026 धारा 103(1), 3(5) BNS के तहत प्रकरण दर्ज किया।पुलिस टीम ने दबिश देकर चार आरोपियों को पकड़ाहत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर श्रीमती ज्योति उमठ बघेल एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जोबट श्री आशुतोष के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक शिवराम तरोले के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने लगातार आरोपियों की तलाश और पूछताछ करते हुए 17 अगस्त 2026 को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपी:
अजय हटीला पिता नानिया हटीला
राजेश हटीला पिता मंगा हटीला
मुकेश मावी पिता सारेसा मावी
नरू मावी पिता रामू मावी
सभी निवासी सेजावाड़ा चौकी फलिया।साइबर टीम सहित पुलिसकर्मियों की भूमिका सराहनीयआरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक शिवराम तरोले, चौकी प्रभारी सेजावाड़ा सउनि जयवीरसिंह भदौरिया, सउनि मंजित, प्रधान आरक्षक दिलीप, प्रधान आरक्षक राकेश सिंगाड़, आरक्षक विशाल, आरक्षक विजय, आरक्षक भारत तथा साइबर पुलिस टीम का सराहनीय योगदान रहा।अंधविश्वास के शक में हुई इस हत्या ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में फैली अंधविश्वास की कुप्रथा और उसके गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। पुलिस अब मामले में गिरफ्तार आरोपियों से घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को लेकर पूछताछ कर रही है।