मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में नाबालिग की मौत, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर परिजनों का प्रदर्शन
एसपी कार्यालय पहुंचकर की नारेबाजी, हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग
टीकमगढ़।
जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एसपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हिरासत में लिए गए परिजनों को तत्काल रिहा करने की मांग उठाई। मृतक की मां विनीता केवट ने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी मानकुँवर केवट 19 जनवरी को अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 21 जनवरी को गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र में उसका शव मिला। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। विनीता केवट ने बताया कि वह और उनके पति भागीरथ केवट मजदूरी के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। इस दौरान मानकुँवर अपने भाई और दादा-दादी के साथ बहादुरपुर गांव में रह रही थी। मां का आरोप है कि 22 जनवरी को पुलिस उनके पति भागीरथ केवट, सास और ससुर को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई, लेकिन अब तक उन्हें छोड़ा नहीं गया है और न ही उनसे मिलने दिया जा रहा है। परिजनों का यह भी आरोप है कि गांव के दो अन्य युवक दीपक केवट और खुशीराम केवट को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस मामले को आत्महत्या के लिए उकसाने की दिशा में मोड़कर लड़की के पिता और दादा-दादी को फंसाने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविक तथ्यों की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी निर्दोष लोगों को तुरंत रिहा किया जाए और मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इधर, मामले में एडिशनल एसपी विक्रम सिंह ने मीडिया को बयान दिया। उन्होंने बताया कि नाबालिग की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है और प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। एडिशनल एसपी के अनुसार, इसी क्रम में परिजनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को फंसाया नहीं जाएगा। साथ ही, यदि कोई दोषी पाया गया तो उसे कानून के अनुसार बख्शा भी नहीं जाएगा। फिलहाल, इस मामले को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, वहीं परिजन और ग्रामीण न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
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