पहाड़ी पर मिली नाबालिग की लाश, दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका ने झकझोरा जिला

टीकमगढ़। जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सोमवार से लापता नाबालिग लड़की का शव पहाड़ी इलाके में मिलने से पूरे जिले में सनसनी फैल गई। परिजनों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म कर बेरहमी से हत्या किए जाने की आशंका जताई है। इस घटना ने एक बार फिर महिला और बाल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मेला देखने का बहाना, फिर कभी घर नहीं लौटी बच्ची
परिजनों के अनुसार नाबालिग सोमवार दोपहर करीब 12 बजे घर से मेला देखने जाने की बात कहकर निकली थी। शाम ढलने तक जब वह घर नहीं लौटी तो परिजन घबरा गए। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की गई, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। मजबूर होकर बंधा चौकी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

पिता दिल्ली में मजदूरी करता रहा, बेटी मौत से जूझती रही
लड़की के पिता ने बताया कि वह मजदूरी के लिए दिल्ली गए हुए थे। सोमवार शाम घर से फोन आया कि बेटी लापता है। मंगलवार को वह तुरंत गांव लौटे और बेटी की तलाश में जुट गए। बुधवार को पहाड़ी इलाके में बच्ची का शव मिलने की सूचना मिली। शव देखते ही परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल बन गया।

गांव के युवक पर रेप कर हत्या का आरोप, ग्रामीणों में उबाल
परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर बच्ची के साथ दरिंदगी करने और हत्या करने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि बच्ची की मौत सामान्य नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी को संरक्षण मिल रहा है और यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो लोग सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।

पुलिस मौके पर, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम तैनात
घटना की सूचना मिलते ही मोहनगढ़ थाना पुलिस, जतारा एसडीओपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पहाड़ी क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की गई। डॉग स्क्वायड और फिंगर प्रिंट टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। पूरे इलाके को छान मारा गया ताकि कोई सबूत न छूटे।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच, मर्ग कायम
जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर एक दिन पहले गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था। बच्ची की तलाश जारी थी, तभी उसका शव बरामद हुआ। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है और जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ या नहीं और मौत किन परिस्थितियों में हुई।

सवालों के घेरे में कानून-व्यवस्था
इस हृदयविदारक घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है। ग्रामीणों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कठोरतम सजा की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि नाबालिग बच्चियां ही सुरक्षित नहीं हैं तो कानून-व्यवस्था का क्या अर्थ रह जाता है। घटना ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस गंभीर मामले में कितनी तेजी और पारदर्शिता से कार्रवाई करती है।