रात में डॉक्टर की अनुपस्थिति पर सवाल, स्थानीय नागरिकों की स्वास्थ्य विभाग से मांग
एक हालिया घटना ने फिर से अस्पतालों की आपातकालीन सेवाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठा दिए हैं। एक मरीज की गंभीर स्थिति में अस्पताल के सुरक्षा कर्मी ने डॉक्टर के निवास पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
परिजन हुए चिंतित
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मरीज के परिजनों ने पाली बीएमओ डॉ. पुट्टू लाल सागर से फोन पर संपर्क किया। उनके हस्तक्षेप के पश्चात ही उपचार प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो पाई और मरीज को राहत मिली।
अन्य मरीज भी हुए प्रभावित
इसी दौरान, वार्ड क्रमांक 5 के निवासी शिवरतन गुप्ता भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर की अनुपस्थिति में, उनका उपचार नर्सिंग स्टाफ द्वारा शुरू किया गया।
स्थानीय लोगों में असंतोष
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों के मन में चिंता बढ़ गई है कि यदि रात के समय कोई गंभीर मरीज अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर उपलब्ध न हों, तो जिम्मेदारी किसकी होगी? लोगों का कहना है कि ऑन-कॉल व्यवस्था तभी कारगर होगी जब डॉक्टर समय पर उपस्थित हों।
स्वास्थ्य विभाग से मांग
स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से अनुरोध किया है कि रात के समय डॉक्टर की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जाए, ताकि मरीजों को समय पर सुरक्षित और बेहतर उपचार मिल सके।
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता को उजागर करती है, ताकि सभी को बेहतर और समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।

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