सात दिन, नौ लाशें: शहडोल की सड़कों पर मौत का तांडव
शहडोल। जिले की सड़कों पर रफ्तार अब मौत का पर्याय बन चुकी है। हर दिन कोई न कोई परिवार अपने प्रियजन को खो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी गहरी नींद में है। ताजा हादसा ब्यौहारी थाना क्षेत्र के जोरा पुलिया के पास हुआ, जहां एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक भाजपा युवा नेता भी शामिल थे। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम छाया हुआ है।
शादी से लौट रहे युवकों की मौत
जानकारी के अनुसार, टिहकी निवासी राहुल द्विवेदी (25) और अतुल तिवारी शनिवार रात झिरिया गांव में शादी समारोह में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान शहडोल-रीवा हाईवे पर जोरा पुलिया के पास किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और सड़क खून से लाल हो गई।
सुबह सड़क किनारे मिले शव, मचा हड़कंप
हादसा देर रात हुआ, लेकिन इसकी जानकारी रविवार सुबह तब लगी जब ग्रामीणों ने सड़क किनारे क्षतिग्रस्त बाइक और दोनों युवकों के शव पड़े देखे। सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
सात दिनों में नौ मौतें, फिर भी नहीं जागा सिस्टम
शहडोल जिले में पिछले सात दिनों के भीतर सड़क हादसों में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। कहीं तेज रफ्तार बोरवेल वाहन ने मां-बेटे को कुचल दिया, तो कहीं अज्ञात वाहन ने पिता-पुत्र की जिंदगी छीन ली। बुढार, ब्यौहारी, देवलौंद और जैतपुर जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसे लोगों के लिए दहशत का कारण बन गए हैं।
यातायात विभाग पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही मौतों के बाद यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त अभियान चलाया जाता, हाईवे पर चेकिंग बढ़ती और तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई होती, तो शायद कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल शहडोल की सड़कें लोगों के लिए सफर नहीं, बल्कि डर का दूसरा नाम बनती जा रही हैं। जिम्मेदार विभागों को इस दिशा में शीघ्र कदम उठाने की आवश्यकता है।
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