टीकमगढ़ के ऐतिहासिक सैल सागर तालाब को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ा दिए हैं। शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने तालाब की जमीन का सीमांकन किया, जिसमें 100 से अधिक लोगों द्वारा अवैध कब्जे की पुष्टि हुई।

राजस्व निरीक्षक सतौला प्रसाद चौधरी और पटवारियों की टीम ने तालाब के आधे हिस्से की जांच पूरी कर ली है। तहसीलदार सतेंद्र सिंह गुर्जर के अनुसार, अगले कुछ दिनों में बाकी हिस्से का सीमांकन भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद एक फाइनल रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपी जाएगी।

राजशाही दौर के तालाब पर संकट

यह तालाब रियासत काल में शहर के बीचों-बीच बनाया गया था, लेकिन हाल के वर्षों में भू-माफिया इसे खत्म करने पर तुले हैं।

  • अवैध निर्माण: तालाब की जमीन को स्टांप पेपर पर अवैध तरीके से बेचा जा रहा है।
  • मिट्टी का भराव: लोग तालाब के अंदर मिट्टी डालकर जल स्रोतों को पाट रहे हैं और वहां पक्के मकान बना रहे हैं।

हाल ही में, 25 जनवरी को तहसीलदार और सीएमओ ने कुछ निर्माणाधीन मकानों का काम रुकवाया था।

कलेक्टर के सख्त निर्देश

कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 सदस्यीय टीम गठित कर सीमांकन के आदेश दिए थे। प्रशासन का लक्ष्य न केवल वर्तमान अतिक्रमण को चिन्हित करना है, बल्कि भविष्य में होने वाले अवैध निर्माणों पर भी पूरी तरह रोक लगाना है।

रिपोर्ट आने के बाद अवैध मकानों को हटाने और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा।