भिण्ड, 31 अक्टूबर 2026:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वाकांक्षी 'गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना' के अंतर्गत भिण्ड जिले की सभी विधानसभाओं के वृंदावन ग्रामों में 30 एवं 31 अक्टूबर को देसी गौवंश की दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता आयोजित की गई। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और देसी गायों के दुग्ध उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

गोहद के सुनील रहे जिले में सर्वाधिक उत्पादक

प्रतियोगिता में विधानसभा क्षेत्र गोहद के वृंदावन ग्राम रतवा के पशुपालक श्री सुनील की देसी गाय ने प्रतिदिन 19.420 लीटर दूध देकर पूरे भिण्ड जिले में सर्वाधिक उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया और प्रथम स्थान हासिल किया। इसी ग्राम में श्री शिवराज (13.283 लीटर) ने दूसरा और श्री केशव (12.292 लीटर) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

अन्य विधानसभा क्षेत्रों के परिणाम इस प्रकार रहे:

• मेहगांव (ग्राम सोनी): श्री सूरजभान सिंह की गाय ने प्रतिदिन 18.060 लीटर दूध देकर प्रथम स्थान पाया। श्री राजकमल (17.575 लीटर) दूसरे और श्री मुरारी (15.633 लीटर) तीसरे स्थान पर रहे।

• लहार (ग्राम काथा): श्री मनोज शर्मा की गाय 17.429 लीटर दूध के साथ प्रथम स्थान पर रही। श्री धर्मेन्द्र शर्मा (10.244 लीटर) को द्वितीय और श्रीमती रजनी (8.544 लीटर) को तृतीय स्थान मिला।

• भिण्ड (ग्राम नुन्हाटा): श्री अमर सिंह की गाय ने प्रतिदिन 17.230 लीटर दूध देकर पहला स्थान जीता। श्री लाखन सिंह (15.096 लीटर) दूसरे और श्री अजय प्रताप (14.023 लीटर) तीसरे स्थान पर रहे।

• अटेर (ग्राम दैपरा): श्री पूरन की गाय 14.623 लीटर दूध के साथ पहले स्थान पर रही। श्री तिलक सिंह (10.758 लीटर) ने दूसरा और श्रीमती सुनीता (9.574 लीटर) ने तीसरा स्थान पाया।

विजेताओं को मिलेगी आकर्षक पुरस्कार राशि

इस योजना के तहत प्रत्येक वृंदावन ग्राम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन पशुपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें प्रथम स्थान पाने वाले को 1 लाख रुपये, द्वितीय स्थान को 50 हजार रुपये और तृतीय स्थान पाने वाले को 25 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।

देसी गौवंश संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य देसी नस्ल की गायों के पालन, संरक्षण एवं संवर्धन को प्रोत्साहित करना है। भिण्ड जिले के पशुपालकों की इस सक्रिय भागीदारी से न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होगी। यह आयोजन गौपालन को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

संवाददाता रामपाल कुशवाह