मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि किसान कल्याण का जो संकल्प राज्य सरकार ने लिया है, उसकी पूर्ति के लिए प्रशासन निरंतर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। किसानों की हर समस्या का समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुरहानपुर जिले में मई और जून के महीनों में प्रतिकूल मौसम और प्राकृतिक आपदा ने केले की फसल को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाया था। इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन से वर्चुअली रूप से बुरहानपुर में आयोजित 'बलराम कृषि महोत्सव' को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जब तक प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के चेहरों पर दोबारा मुस्कान नहीं लौट आती, तब तक राज्य सरकार चैन से बैठने वाली नहीं है। इसी प्रतिबद्धता के तहत आज जिले के 188 गांवों के 8,115 किसानों के खातों में 107 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की राहत राशि सीधे सिंगल क्लिक से पहुंचाई गई है, जो इस मुश्किल समय में किसानों को संबल प्रदान करेगी।
श्रावण मास और कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं के निर्देश
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि श्रावण मास के दौरान जिन-जिन क्षेत्रों से कांवड़ यात्राएं निकलने वाली हैं, वहां कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही पूरी तरह सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कृषक कल्याण वर्ष 2026 और नई तकनीक का उपयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 'कृषक कल्याण वर्ष 2026' के तहत राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, सम्मान और कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य तेज गति से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे खेती में नई तकनीकों को अपनाएं तथा पारंपरिक खेती के साथ-साथ प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और उद्यानिकी फसलों पर विशेष ध्यान देकर अपनी आय में वृद्धि करें।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि कृषि और उससे जुड़े उत्पाद न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि विभिन्न उद्योगों के लिए कच्चा माल भी उपलब्ध कराते हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें हरसंभव लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने 16 अलग-अलग विभागों के साथ मिलकर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसी कड़ी में जिला स्तर पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत देवी अहिल्याबाई होलकर की पावन नगरी इंदौर से की गई थी।
बुरहानपुर की कृषि विशेषता और केले के उत्पादों की वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ताप्ती मैया के आशीर्वाद का स्मरण करते हुए कहा कि बुरहानपुर क्षेत्र अपनी समृद्ध उद्यानिकी फसलों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां के स्वादिष्ट केले, उच्च गुणवत्ता वाली हल्दी और बेहतरीन कपास इस क्षेत्र की विशेषता हैं। इस जिले की संस्कृति में विभिन्न धर्मों का आपसी मेल-जमेल और कृषि की विविधता साफ झलकती है। यहां कृषि के अलावा कपड़ा, दवा, फर्नीचर और पाइप उपकरणों सहित कई सामग्रियों का निर्माण होता है।
कपास और कपड़ा उत्पादन को प्रोत्साहित करने और कारोबारियों तथा किसानों को सहूलियत देने के लिए राज्य सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी टैक्स को आधा कर दिया है। इससे पूरे प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिला है। उल्लेखनीय है कि इस कर में कटौती की मांग सबसे पहले बुरहानपुर जिले से ही उठी थी। आज बुरहानपुर को केला फसल के प्रसंस्करण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान मिल चुका है। इतना ही नहीं, अब केले के रेशे से सुंदर कपड़े और आकर्षक सजावटी सामान भी तैयार किए जा रहे हैं, जिससे देश-दुनिया में बुरहानपुर को एक नई और अनूठी पहचान मिल रही है।
धार के पीएम मित्र पार्क का लाभ और औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि बुरहानपुर के किसानों को धार जिले में स्थित 'पीएम मित्र पार्क' का पूरा लाभ मिलेगा। बुरहानपुर अब केवल कच्चे माल के उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात (एक्सपोर्ट) का एक बड़ा हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है, और हर खेत तक पानी पहुंचाना सरकार का मुख्य संकल्प है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार महाराष्ट्र के साथ मिलकर 'ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना' पर पूरी तन्मयता से काम कर रही है। इसके साथ ही निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, ग्वालियर को टेलीकॉम सेक्टर के मैन्युफैक्चरिंग जोन के रूप में स्थापित करने के लिए नई दिल्ली में भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए जाने की बात कही गई। सरकार युवाओं को रोजगार दिलाने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति और सांस्कृतिक सहभागिता
बुरहानपुर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने वर्चुअली रूप से अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने उपस्थित किसानों और नागरिकों को संबोधित करते हुए राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कृषि क्षेत्र के नवाचारों की विस्तार से जानकारी दी।
स्थानीय विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने अपने संबोधन में बताया कि आगामी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिले की विशिष्ट पहचान बन चुके 'केले के रेशे' से निर्मित एक विशेष राखी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेंट की जाएगी। यह राखी स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों के नवाचार और उनकी आत्मनिर्भरता का एक अनूठा प्रतीक है।
प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मंच पर उपस्थित अतिथियों द्वारा जिले के कई प्रगतिशील किसानों, स्व-सहायता समूह की दीदियों, मेधावी विद्यार्थियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न शासकीय विभागों और निजी कंपनियों द्वारा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, आजीविका तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित आकर्षक और ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां लगाई गईं।
इसके साथ ही, आयुष विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सा परामर्श शिविर का भी आयोजन किया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। प्रदर्शनी प्रतियोगिता के परिणामों में कृषि विज्ञान केंद्र, बुरहानपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को द्वितीय और शाश्वत नर्सरी, बहादरपुर को तृतीय स्थान मिला। रेणुका कृषि उपज मंडी में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर से 5 हजार से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस दौरान सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, विधायक अर्चना चिटनिस, महापौर माधुरी पटेल, जिला अध्यक्ष मनोज माने, कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कृषक बंधु उपस्थित थे।
मुख्य बिंदु
-
राहत राशि का अंतरण: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित बुरहानपुर जिले के 8,115 किसानों के खातों में 107 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की।
-
फसल को नुकसान: मई और जून माह में मौसम की मार के कारण बुरहानपुर नगर, ग्रामीण, नेपानगर और खकनार तहसीलों के 188 गांवों में केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचा था।
-
बलराम कृषि महोत्सव: किसानों की समृद्धि और आय बढ़ाने के उद्देश्य से जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत इंदौर से हुई थी।
-
प्रमुख घोषणाएं एवं नवाचार: कपास पर लगने वाले मंडी टैक्स को आधा करना, बुरहानपुर के किसानों को धार के पीएम मित्र पार्क का लाभ देना और केले के रेशे से बनी विशेष राखी मुख्यमंत्री को भेंट किया जाना शामिल है।
image source: https://burhanpur.mpinfo.org
Continue With Google
Comments (0)