रोते हुए थाने पहुंचीं कस्तूरबा छात्रावास की छात्राएं, अधीक्षिका पर गंभीर आरोप


नगर डही के कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की कई छात्राएं शुक्रवार को रोते हुए थाने पहुंचीं। छात्राओं ने अधीक्षिका अनीता भिड़े पर गाली-गलौज, डांटने और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाते हुए पुलिस को लिखित शिकायत दी और स्नढुक्रदर्ज करने की मांग की।

छात्राओं ने अधीक्षिका के पति सरदार भिड़े पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि वे छात्रावास परिसर में रहते हैं और कथित तौर पर बाथरूम के दरवाजे खटखटाते थे। छात्राओं ने घर ले जाकर झाडू-पोछा, बर्तन और कपड़े धुलवाने के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। छात्राओं ने भोजन के निर्धारित मीनू का पालन नहीं होने और राष्ट्रीय पर्वों पर कार्यक्रमों के लिए लोगों को बुलाने से रोकने की शिकायत भी की। मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार

ललिता गड़रिया, थाना प्रभारी जमराजी, प्राचार्य अरुण कुशवाह, बीआरसी दुबे, विधायक प्रतिनिधि नोरके, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चोंगड़ और नगर अध्यक्ष छत्रसिंह ठेकेदार छात्रावास पहुंचे। शाम करीब 5:30 बजे एसडीएम भी

छात्रावास पहुंचे और छात्राओं से पूछताछ कर निरीक्षण किया। हालांकि एसडीएम ने मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। तहसीलदार ललिता गड़रिया ने बताया कि छात्रा की शिकायत के बाद जिले से मिले मौखिक आदेश

के आधार पर अधीक्षिका को तत्काल हटा दिया गया है और छात्रावास में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अधीक्षिका के पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। वहीं अधीक्षिका अनीता भिड़े ने सभी आरोपों को झूठा बताया है। प्राचार्य अरुण कुशवाह ने भी कहा कि उनके निरीक्षण के दौरान पहले ऐसी शिकायत सामने नहीं आई थी। उन्होंने बताया कि अधीक्षिका के पति के संबंध में शिकायत पहले मिली थी और इसकी जानकारी अधीक्षिका को दी गई थी।

अब सबसे बड़ा सवाल...

छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और अधीक्षिका के आरोपों को खारिज करने के बीच अब निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस और विभाग को छात्राओं के बयान सुरक्षित वातावरण में दर्ज कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लानी होगी।