मध्य प्रदेश के कटनी जिले में सागर जिले के बण्डा में हुई जहरीली शराब की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद प्रशासनिक और आबकारी स्तर पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राज्य शासन के निर्देशों और कटनी जिले के कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के स्पष्ट मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा जिलेभर की शासकीय मदिरा दुकानों पर ताबड़तोड़ और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कटनी जिले में किसी भी प्रकार की अवैध, मिलावटी या जहरीली शराब की बिक्री न हो सके और आम नागरिकों के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ न किया जाए। कलेक्टर के निर्देश मिलते ही आबकारी अमला पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है और विभिन्न मदिरा दुकानों से अलग-अलग ब्रांड के सैंपल जुटाकर उन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में सघन सैंपलिंग और निरीक्षण अभियान
कटनी जिले की जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती विभा मरकाम ने इस पूरे अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बण्डा की घटना के बाद शासन और प्रशासन स्तर पर बरती जा रही एहतियाती सतर्कता के तहत पिछले दो दिनों से आबकारी विभाग का मैदानी अमला लगातार सक्रिय है। विभाग की विशेष टीमों ने कटनी जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में स्थित विभिन्न शासकीय मदिरा दुकानों का औचक निरीक्षण किया है। इस दौरान दुकानों से अलग-अलग लोकप्रिय और संदेहास्पद ब्रांड की मदिरा के नमूने यानी सैंपल विधिवत रूप से एकत्र किए गए हैं। इन सभी एकत्र किए गए नमूनों को गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों की जांच के लिए तुरंत प्रयोगशाला (लैब) में भेजा जा रहा है, ताकि यह प्रमाणित हो सके कि जो शराब दुकानों पर बेची जा रही है, वह पूरी तरह से सुरक्षित और मानक स्तर की है।
अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जांच और सैंपलिंग की यह महत्वपूर्ण कार्रवाई केवल सामान्य कार्यदिवसों तक ही सीमित नहीं रखी गई, बल्कि रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी इसे पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रखा गया। विभाग का यह कड़ा रुख यह सुनिश्चित करने के लिए है कि जिले में मदिरा की गुणवत्ता को लेकर किसी भी स्तर पर जरा सी भी आशंका या लापरवाही की कोई गुंजाइश बाकी न रहे।
एहतियाती कदम और दुकानों पर निरंतर निगरानी की व्यवस्था
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कटनी जिले में उठाए गए ये कदम पूरी तरह से एहतियाती प्रकृति के हैं ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। जिले में प्रचलित तमाम मदिरा ब्रांडों के नमूनों को सुरक्षित तरीके से संकलित किया जा रहा है। आबकारी विभाग केवल सैंपलिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दुकानों के नियमित निरीक्षण के साथ-साथ वहां की संपूर्ण बिक्री व्यवस्था पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। दुकान के कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे आबकारी नियमों का अक्षरशः पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से दूर रहें। विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि दुकानों के निरीक्षण, सैंपलिंग और गुणवत्ता परीक्षण की यह मुहिम आने वाले दिनों में भी पूरी सख्ती के साथ निरंतर जारी रहेगी।
क्यूआर कोड स्कैन कर ग्राहक कर सकते हैं शराब की पूरी प्रामाणिकता की जांच
इस विशेष अभियान के दौरान आबकारी विभाग ने आम नागरिकों और मदिरा उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू पर प्रकाश डाला है। विभाग ने बताया कि आजकल शासकीय मदिरा दुकानों पर मिलने वाली शराब की बोतलों पर एक विशिष्ट क्यूआर (QR) कोड अंकित होता है। ग्राहक स्वयं अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके इस क्यूआर कोड को आसानी से स्कैन कर सकते हैं और शराब से जुड़ी तमाम महत्वपूर्ण और आधिकारिक जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।
क्यूआर कोड को स्कैन करने से उपभोक्ताओं को निम्नलिखित प्रमुख जानकारियों की पुष्टि करने में मदद मिलती है:
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मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का नाम: शराब का उत्पादन करने वाली मूल डिस्टलरी या कंपनी की आधिकारिक जानकारी।
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बिक्री वाले जिले का नाम: शराब की बोतलें किस जिले के लिए आवंटित और अधिकृत की गई हैं, इसका स्पष्ट विवरण।
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निर्माण की तारीख: शराब के निर्माण का समय और बैच नंबर, जिससे उसकी वैधता का पता चलता है।
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अन्य आधिकारिक विवरण: उत्पाद से जुड़े अन्य सुरक्षा मानक और सरकारी अनुपालन के प्रमाण।
जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने कटनी के सभी नागरिकों और उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जब भी शासकीय दुकान से मदिरा क्रय करें, तो बोतल पर बने क्यूआर कोड को अवश्य स्कैन करें। ऐसा करने से वे नकली या अवैध शराब की पहचान स्वयं कर सकेंगे और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे।
मिलावट या संदिग्ध शराब की स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील
बण्डा की घटना से सबक लेते हुए कटनी आबकारी विभाग ने आम जनता से यह भी आग्रह किया है कि वे पूरी तरह से सतर्क रहें। नागरिकों से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे किसी भी परिस्थिति में अवैध स्रोतों से शराब न खरीदें और केवल अधिकृत शासकीय मदिरा दुकानों से ही मदिरा क्रय करें।
यदि किसी व्यक्ति को मदिरा के सेवन के दौरान उसके स्वाद में कोई असामान्य परिवर्तन महसूस होता है, उसमें किसी प्रकार की अजीब या तीखी गंध आती है, उसके रंग में कोई बदलाव दिखाई देता है, अथवा किसी भी प्रकार की मिलावट होने का जरा सा भी संदेह प्रतीत होता है, तो उपभोक्ता को उस शराब का सेवन करने से पूरी तरह बचना चाहिए। ऐसी किसी भी संदिग्ध स्थिति में बिना किसी विलंब के इसकी सूचना तत्काल आबकारी विभाग को दी जानी चाहिए ताकि समय रहते उचित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।
शिकायत और त्वरित संपर्क के लिए दूरभाष क्रमांक जारी
आम जनता की सुविधा और त्वरित सहायता के लिए आबकारी विभाग ने आधिकारिक संपर्क नंबर भी सार्वजनिक किए हैं। यदि किसी भी नागरिक को अवैध शराब की बिक्री, मिलावट या किसी अन्य प्रकार की अनियमिता की शिकायत दर्ज करानी हो, तो वे सीधे जिला आबकारी कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 07622-231217 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना या शिकायत पर त्वरित रूप से संज्ञान लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के नेतृत्व में प्रशासन की इस सख्ती से कटनी जिले के शराब कारोबारियों और अवैध गतिविधियों में लिप्त तत्वों में भी हड़कंप मच गया है।
image source: https://katni.mpinfo.org
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