मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में दिव्यांगजनों के समग्र पुनर्वास और उनके जीवन को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा संचालित 'स्पर्श अभियान' के अंतर्गत एक जरूरतमंद दिव्यांग व्यक्ति को ई-ट्रायसिकिल प्रदान की गई है। यह पहल पन्ना जिले के उन तमाम नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है, जो किसी न किसी शारीरिक अक्षता या विवशता के कारण अपने दैनिक जीवन के कार्यों में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से न केवल संबंधित दिव्यांग व्यक्ति की आजीविका और आवागमन की समस्या हल हुई है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति शासन की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से झलकी है।

स्पर्श अभियान के तहत पात्र हितग्राहियों को लगातार मिल रहा लाभ

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा 'स्पर्श अभियान' का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े दिव्यांगजनों और असहाय वृद्धजनों को चिन्हित कर उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाना है। इस अभियान के तहत विशेष रूप से ऐसे व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाती है, जो 40 प्रतिशत या उससे अधिक की स्थाई दिव्यांगता से ग्रसित होते हैं अथवा अत्यधिक असहाय स्थिति में जीवनयापन कर रहे होते हैं।

विभाग द्वारा पात्रता के नियमों का पालन करते हुए निरंतर रूप से ऐसे पात्र नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण, पेंशन और अन्य सहायता प्रदान की जा रही है। पन्ना जिले में इस अभियान को मैदानी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप समय-समय पर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को पन्ना जिले में एक विशेष वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रशासन जनहित के कार्यों को लेकर कितना संवेदनशील और तत्पर है।

पन्ना के ग्राम इटवां महंगू के प्रमोद कुमार प्रजापति को मिली ई-ट्रायसिकिल

सोमवार को आयोजित इस सहायता वितरण कार्यक्रम के दौरान पन्ना जिले के एक पात्र और जरूरतमंद दिव्यांग नागरिक को आधुनिक साधन के रूप में ई-ट्रायसिकिल प्रदान की गई। यह लाभ सतना जिले की सीमा के समीप या पन्ना जिले के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के निवासी को मिला। आधिकारिक विवरण के अनुसार, लाभान्वित होने वाले हितग्राही का नाम प्रमोद कुमार प्रजापति है, जो पन्ना जिले के ग्राम इटवां महंगू (पोस्ट गिरवारा, जनपद पंचायत पन्ना) के मूल निवासी हैं।

प्रमोद कुमार प्रजापति 60 प्रतिशत अस्थिबाधित स्थाई दिव्यांगता से पीड़ित हैं। शारीरिक रूप से इस प्रकार की गंभीर अक्षमता होने के कारण उन्हें अपने दैनिक आवागमन और छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। उनकी इस दयनीय और संघर्षपूर्ण स्थिति को संज्ञान में लेते हुए सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग ने उन्हें ई-ट्रायसिकिल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। बैटरी चलित इस ई-ट्रायसिकिल के मिलने से अब प्रमोद कुमार प्रजापति को आवागमन में किसी भी प्रकार की भारी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे आत्मनिर्भरता की ओर एक नया कदम बढ़ा सकेंगे।

प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ ई-ट्रायसिकिल का वितरण

यह महत्वपूर्ण और मानवीय सहायता पन्ना जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के मार्गदर्शन और प्रत्यक्ष उपस्थिति में प्रदान की गई। जिला कलेक्टर के स्पष्ट और सख्त निर्देशों के अनुपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत तथा प्रभारी उपसंचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग पन्ना, श्री उमराव सिंह मरावी द्वारा यह ई-ट्रायसिकिल हितग्राही प्रमोद कुमार प्रजापति को सौंपी गई।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने हितग्राही से बातचीत की और उनकी अन्य समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली। इस अवसर पर विभाग के अन्य जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी भी पूरी तन्मयता के साथ मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से लेखाधिकारी श्री रामप्रताप प्रजापति ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, साथ ही सामाजिक न्याय विभाग के अन्य कर्मचारीगण भी इस नेक कार्य के साक्षी बने। अधिकारियों की उपस्थिति ने इस बात को पुष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जा रहा है।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे ऐसे प्रयास

पन्ना जिले में जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा उठाए जा रहे ऐसे कदम दिव्यांगजनों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाने का काम कर रहे हैं। ई-ट्रायसिकिल जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलने से दिव्यांगजन न केवल अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए स्वतंत्र होते हैं, बल्कि वे समाज की मुख्यधारा से भी जुड़ पाते हैं। पारंपरिक ट्रायसिकिल को चलाने में शारीरिक बल की अधिक आवश्यकता होती है, विशेषकर ऐसे मामलों में जहां व्यक्ति 60 प्रतिशत तक अस्थिबाधित हो, वहां बैटरी चलित ई-ट्रायसिकिल किसी वरदान से कम नहीं होती। इससे वे बिना अधिक शारीरिक थकान के लंबी दूरी तय कर सकते हैं और शिक्षा, रोजगार या बाजार से जुड़े अपने जरूरी कार्य स्वयं कर सकते हैं।

पन्ना जिले के स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने प्रशासन की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। उनका मानना है कि 'स्पर्श अभियान' जैसी योजनाएं जब मैदानी स्तर पर इस प्रकार पूरी ईमानदारी से क्रियान्वित होती हैं, तो सही मायनों में शासन की लोककल्याणकारी भावना आम जनता तक पहुंचती है। विभाग के अधिकारियों ने भी यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी पन्ना जिले के भीतर ऐसे सभी पात्र दिव्यांगजनों और असहाय वृद्धजनों की पहचान करने का सिलसिला जारी रहेगा, जो अब तक इन सुविधाओं से वंचित हैं। पन्ना जिले में प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई से न केवल प्रमोद कुमार प्रजापति का जीवन आसान हुआ है, बल्कि अन्य जरूरतमंदों में भी यह उम्मीद जगी है कि शासन और प्रशासन उनकी कठिनाइयों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।

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