आमला। शहर के सबसे व्यस्त और व्यावसायिक क्षेत्र मैन मार्केट में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यापारियों, रहवासियों और नागरिकों ने निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं, घटिया सामग्री के उपयोग और तकनीकी मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि जिस नाली का निर्माण शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है, वही भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है।
*सफाई की व्यवस्था नहीं, भविष्य में जाम होंगी नालियां*
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालियों के निर्माण में सफाई और रखरखाव की कोई उचित व्यवस्था नहीं छोड़ी जा रही है। नालियों की चौड़ाई और संरचना ऐसी बनाई जा रही है कि भविष्य में उनकी सफाई करना मुश्किल होगा। इससे थोड़े समय बाद ही नालियां जाम होने की आशंका बढ़ गई है।
*घटिया सामग्री से निर्माण का आरोप*
व्यापारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही रेत और सीमेंट की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। आरोप है कि सीमेंट की मात्रा कम रखकर निर्माण किया जा रहा है, जिससे नालियों की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि अभी जांच कराई जाए तो निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता सामने आ सकती है।
*तराई नहीं होने से जल्द टूट सकती है संरचना*
निर्माण कार्य में तराई (क्योरिंग) की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन मौके पर यह प्रक्रिया प्रभावी ढंग से नहीं की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि पर्याप्त तराई नहीं होने से नालियों में जल्द दरारें आने और टूट-फूट होने की संभावना है।
*मलबा छोड़कर ही ढंकी जा रही नालियां*
कई स्थानों पर नालियों के भीतर निर्माण मलबा और कचरा पड़ा होने के बावजूद उन्हें ढंकने की तैयारी की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण के दौरान ही सफाई नहीं की गई तो भविष्य में जल निकासी प्रभावित होगी और बाजार क्षेत्र में गंदगी व दुर्गंध की समस्या बढ़ेगी।
*दुकानदारों के लिए नहीं बनाई गई निकासी व्यवस्था*
मैन मार्केट में दर्जनों दुकानों से प्रतिदिन पानी निकलता है, लेकिन निर्माणाधीन नालियों में दुकानों के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। व्यापारियों का कहना है कि बरसात के दिनों में यह लापरवाही बाजार में जलभराव की बड़ी समस्या पैदा कर सकती है।
*ठेकेदार की मनमानी, निगरानी पर भी सवाल*
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य ठेकेदार की मनमर्जी से किया जा रहा है। जिम्मेदार विभाग द्वारा न तो नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और न ही गुणवत्ता की निगरानी। इससे उपयंत्री और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
*जांच नहीं हुई तो होगा आंदोलन*
मामले को लेकर व्यापारियों और नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, गुणवत्ता की निष्पक्ष पड़ताल हो और दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार एवं अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
*पक्ष जानने का प्रयास*
इस संबंध में उपयंत्री शर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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