आलोट। कोटा-उज्जैन विस्तारित मेमू ट्रेन का संचालन सोमवार से शुरू हो गया। आलोट रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन सांसद ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेन का स्वागत किया गया और इसे क्षेत्र के यात्रियों तथा श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात बताया गया। हालांकि, समारोह के उत्साह के बीच यात्रियों की नाराजगी भी खुलकर सामने आई।

नई सुविधा पर खुशी, पुरानी सुविधाएं छिनने का दर्द

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि नई ट्रेन सेवा का स्वागत है, लेकिन इसके बदले यदि वर्षों से संचालित सुविधाएं समाप्त हो जाएं तो इसका लाभ अधूरा रह जाता है। यात्रियों के अनुसार हाल के दिनों में कई रेल सेवाओं में बदलाव से आम लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं।

बंद ट्रेनों को लेकर उठ रहे सवाल

यात्रियों का आरोप है कि फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस, कोटा-जबलपुर एक्सप्रेस तथा कोटा-रतलाम मेला गाड़ी जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा है, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि रेलवे की ओर से इन निर्णयों के पीछे परिचालन संबंधी कारण बताए जाते रहे हैं।

मेमू के सीमित संचालन से बढ़ी चिंता

दैनिक यात्रियों ने कोटा-नागदा मेमू के संचालन में किए गए बदलाव पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि नागदा तक सीधी सुविधा प्रभावित होने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को अतिरिक्त समय और खर्च वहन करना पड़ रहा है।

कोटा जंक्शन पर बढ़ा इंतजार

यात्रियों के अनुसार रूट व्यवस्था में बदलाव के कारण कई यात्रियों को कोटा जंक्शन पर घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों के लिए यह स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

सस्ती यात्रा सुविधाओं में कटौती का आरोप

कुछ यात्रियों ने ट्रेनों में सेकंड सीटिंग (2S) सुविधा में कमी को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर मध्यमवर्गीय और सामान्य यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है।

श्रेय की राजनीति के बीच यात्री हित सबसे बड़ा मुद्दा

सोशल मीडिया पर भी इस विषय को लेकर बहस जारी है। एक ओर जनप्रतिनिधि नई रेल सुविधा को विकास का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यात्रियों का कहना है कि विकास का सही अर्थ सुविधाओं का विस्तार है, न कि पुरानी सुविधाओं में कटौती।

रेलवे से पुनर्विचार की मांग

क्षेत्र के नागरिकों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि नई सेवाओं के साथ प्रभावित रेल सुविधाओं की भी समीक्षा की जाए, ताकि यात्रियों को सुविधा के नाम पर असुविधा का सामना न करना पड़े।

फिलहाल, आलोट स्टेशन पर मेमू को हरी झंडी मिल गई है, लेकिन यात्रियों के मन में उठ रहे सवालों को भी जवाब का इंतजार है।