सतना जिले में सड़क सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, ब्लैक स्पॉट की समीक्षा करने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कैजुअल्टी की संख्या को प्रभावी रूप से कम करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सतना में सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी के सभापति एवं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में यह जिला रोड सेफ्टी बैठक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले में पिछले 5 वर्षों के सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों, ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्यों, यातायात नियमों के सख्त पालन और जन-जागरूकता अभियानों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे के मुख्य निर्देश एवं दिशा-निर्देश
बैठक के दौरान न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण और कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन को सुरक्षित करना और लोगों की बहुमूल्य जान बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
-
दुर्घटनाओं के मुख्य कारण: न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने बताया कि देश में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। दुर्घटनाओं में मृत्यु का मुख्य कारण ओवरस्पीडिंग, लंबी ड्राइविंग, सीट बेल्ट न बांधना और हेलमेट न पहनना पाया गया है।
-
राष्ट्रीय एवं प्रांतीय स्थिति: उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामले में पूरा देश और विशेष रूप से मध्यप्रदेश दूसरे नंबर पर है, जिसमें सतना जिला भी उन 5 जिलों में शामिल है जहां दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें हो रही हैं।
-
हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता: दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना और चारपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य रूप से लागू करने पर जोर दिया गया।
जिला प्रशासन और संस्थानों के लिए कड़े नियम
सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के आंकड़ों में कमी लाने के लिए न्यायमूर्ति सप्रे ने प्रशासन और विभिन्न संस्थानों को निम्नलिखित सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए:
-
कार्यालयों में 'नो हेलमेट - नो एंट्री': जिला मुख्यालय, तहसीलों, विकासखंडों और ग्राम स्तर के जो भी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी दोपहिया वाहन से आएंगे, उनके लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उन्हें कार्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
-
शैक्षणिक संस्थान: सभी स्कूलों और कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए। साथ ही, युवाओं में जागरूकता लाने के लिए रैलियों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।
-
पेट्रोल पंप संचालकों की भूमिका: बिना हेलमेट पहने वाहन चलाने वालों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन का विक्रय न किया जाए। इसके अलावा, सुरक्षा के साधन अपनाने वाले चालकों को ईंधन में थोड़ी रियायत देकर प्रोत्साहित करने का सुझाव भी दिया गया।
-
वाहन डीलर: दोपहिया वाहन के डीलर वाहन बिक्री के समय ग्राहक को अनिवार्य रूप से हेलमेट उपलब्ध कराएं और उन्हें सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करें।
-
परिवहन विभाग की कार्रवाई: आरटीओ (RTO) को ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा और फिटनेस की नियमित जांच करने, अनफिट गाड़ियों को बंद कराने तथा सड़कों पर अवैध रूप से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए।
सतना जिले में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े (वर्ष 2025 और 2026)
बैठक के दौरान सतना जिले के दुर्घटना से जुड़े आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत किए गए, जो इस प्रकार हैं:
-
वर्ष 2025: सतना जिले में कुल 1440 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 400 व्यक्तियों की मृत्यु दर्ज की गई और 151 व्यक्ति घायल हुए।
-
वर्ष 2026 (अब तक): चालू वर्ष में अब तक 789 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 178 व्यक्तियों की जान जा चुकी है और 842 व्यक्ति घायल हुए हैं।
प्रशासन द्वारा इन आंकड़ों को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और आगामी तीन महीने बाद इस संबंध में की गई कार्रवाई एवं प्रगति का आकलन किया जाएगा।
अधिकारियों, पेट्रोल पंप संचालकों और वाहन डीलरों से वन-टू-वन चर्चा
कलेक्ट्रेट कक्ष में न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह की उपस्थिति में जिला शिक्षा अधिकारी, आरटीओ, जनसंपर्क, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, तथा विभिन्न एसडीएम के साथ पृथक से वन-टू-वन चर्चा की। इसके साथ ही, पेट्रोल पंप डीलरों और वाहन विक्रेताओं से भी संवाद किया गया। न्यायमूर्ति सप्रे ने कहा कि सतना जिला मध्यप्रदेश के 5 ज़ीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (Zero Fatality District) में शामिल है, इसलिए हताहतों की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। बैठक के अंत में ब्लैक स्पॉट चिन्हित स्थानों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चल रहे सुधारात्मक कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी साझा की गई।
image source : https://satna.mpinfo.org
Continue With Google
Comments (0)