मध्यप्रदेश शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में जनपद पंचायत नीमच के सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण आयोजन किया गया। 'सांझा चूल्हा योजना' के अंतर्गत टेक होम राशन (THR) का प्रदाय कर रहे विभिन्न स्व-सहायता समूहों के अध्यक्षों, सचिवों और उनके प्रतिनिधियों के लिए एक दिवसीय गहन प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मिलने वाले पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाना तथा वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और स्वच्छता सुनिश्चित करना है।

टेक होम राशन की मात्रा और वितरण के चरण

प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित स्व-सहायता समूहों को शासन द्वारा जारी किए गए परिशिष्ट-01 से 06 तक के व्यावहारिक संधारण और उसके प्रभावी क्रियान्वयन की बेहद विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में वितरण के मानकों को स्पष्ट करते हुए बताया गया कि:

  • बच्चों के लिए: 6 माह से लेकर 3 वर्ष तक के बच्चों के लिए 725 ग्राम प्रति पैकेट की दर से पोषण आहार दिया जाएगा।

  • माताओं के लिए: गर्भवती एवं धात्री (स्तनपान कराने वाली) माताओं के लिए 850 ग्राम प्रति पैकेट की दर से पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा।

  • वितरण का समय: यह राशन प्रत्येक माह दो निश्चित चरणों में यानी 1 से 3 तारीख तथा 16 से 18 तारीख के बीच अनिवार्य रूप से वितरित किया जाएगा।

गुणवत्ता मानक, पैकेजिंग और स्वच्छता के कड़े निर्देश

कार्यशाला के दौरान खाद्य सुरक्षा और पैकेजिंग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • खाद्यान्न उठाव एवं भंडारण: शासकीय उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न का सुरक्षित उठाव और उसका सही तरीके से भंडारण करने की प्रक्रिया समझाई गई।

  • एफएसएसएआई मानक: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सभी गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह से पालन करने के निर्देश दिए गए।

  • पैकेजिंग स्टिकर: पैकेट पर स्व-सहायता समूह का नाम, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि और आवश्यक वैधानिक संदेश अंकित स्टिकर लगाना अनिवार्य किया गया।

  • सजीव प्रदर्शन: समूह की सदस्यों को मास्क, ग्लव्स, एप्रन और हेड कैप पहनकर पूरी स्वच्छता के साथ राशन निर्माण एवं पैकेजिंग करने का लाइव या सजीव प्रदर्शन भी कराया गया।

पारदर्शी वितरण व्यवस्था और ऑनलाइन सत्यापन

वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने और पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए कड़े प्रावधान तय किए गए हैं:

  • पोषण ट्रैकर ऐप: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा 'पोषण ट्रैकर ऐप' पर फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से हितग्राहीवार ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा।

  • द्विपक्षीय पावती: स्व-सहायता समूहों द्वारा परिशिष्ट-05 के अनुसार द्विपक्षीय पावती पत्रक प्राप्त करने के स्पष्ट निर्देशदिए गए हैं।

  • लैब परीक्षण: गुणवत्ता नियंत्रण को पुख्ता करने के लिए प्रत्येक माह रैंडम आधार पर सीलबंद राशन के नमूने प्रयोगशाला (लैब) परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे।

सख्त कार्रवाई और शपथ-पत्र के निर्देश

प्रशिक्षण सत्र में यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया कि शासन की प्राथमिकताओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर अमानक या घटिया गुणवत्ता का राशन पाया जाता है, तो संबंधित समूह के खिलाफ निम्नलिखित सख्त कदम उठाए जाएंगे:

  • संबंधित समूह का भुगतान तुरंत रोक दिया जाएगा।

  • उनका अनुबंध (Agreement) निरस्त कर दिया जाएगा।

  • खाद्यान्न के विचलन या अवैध विक्रय की स्थिति में आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के सुसंगत प्रावधानों के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • कार्यशाला के अंत में सभी स्व-सहायता समूहों को 200 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पर परिशिष्ट-06 के अनुसार शपथ-पत्र निष्पादित करके परियोजना कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए।

कार्यशाला में उपस्थित अतिथि एवं अधिकारी

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नीमच ग्रामीण परियोजना के अंतर्गत आने वाले पंजीकृत बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को स्वच्छ, सुरक्षित, गुणवत्तायुक्त और पौष्टिक टेक होम राशन का नियमित व निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने पर व्यापक चर्चा हुई। इस अवसर पर:

  • मुख्य अतिथि के रूप में जनपद सदस्य एवं महिला एवं बाल विकास समिति के सभापति श्री रतनलाल मालावत उपस्थित रहे।

  • कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन और कुशल मार्गदर्शन बाल विकास परियोजना अधिकारी, नीमच ग्रामीण द्वारा किया गया।

  • परियोजना की समस्त क्षेत्र पर्यवेक्षकों ने उपस्थित समूहों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

image source : https://neemuch.mpinfo.org