प्रस्तावना: लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी के कंधों पर टिका होता है, और जब देश के युवा लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को समझकर आगे आते हैं, तो एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। इसी दूरगामी सोच को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी बात कही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारे विद्यार्थी देश के उज्ज्वल भविष्य के सच्चे निर्माता हैं। लोकतंत्र की गहराई को समझना, उसके मूलभूत मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना और देश के राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी सक्रिय और प्रत्यक्ष भूमिका निभाना ही एक सच्चे और जागरूक नागरिक की असली पहचान होती है। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण इस बात पर जोर देता है कि आज की युवा पीढ़ी को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें व्यावहारिक रूप से देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था से भी जुड़ना चाहिए ताकि वे भविष्य में देश की बागडोर जिम्मेदारी के साथ संभाल सकें।
नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ने की आवश्यकता आज के दौर में यह समय की सबसे बड़ी मांग और आवश्यकता बन चुकी है कि देश की नई पीढ़ी को हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ गहराई से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि जब तक युवा सीधे तौर पर यह नहीं देखेंगे कि देश और प्रदेश का शासन कैसे चलता है, तब तक उनके भीतर नेतृत्व के गुणों का पूर्ण विकास नहीं हो सकता। सरकार किस प्रकार से अपनी नीतियों का निर्धारण करती है, समाज के कल्याण के लिए नियम और कानून किस प्रक्रिया के तहत बनाए जाते हैं, और हमारी संसदीय परंपराएं क्या कहती हैं—इन सभी बातों को सीखने और समझने के लिए देश की सर्वोच्च विधायी संस्था यानी विधानसभा या संसद से बेहतर कोई अन्य स्थान नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने विधानसभा को एक ऐसा 'उत्तम विद्यालय' करार दिया है जहाँ छात्र प्रत्यक्ष रूप से लोकतंत्र के पाठ पढ़ सकते हैं और व्यावहारिक राजनीति व शासन प्रणाली के तौर-तरीकों को आत्मसात कर सकते हैं।
विधानसभा स्थित समिति कक्ष में स्कूली बच्चों के साथ आत्मीय संवाद इसी वैचारिक पृष्ठभूमि के तहत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश विधानसभा के समिति कक्ष क्रमांक-1 में स्कूली बच्चों के साथ एक बहुत ही आत्मीय और प्रेरणादायक संवाद किया। इस विशेष संवाद कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए हुए मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनके चेहरों पर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलने की खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों के साथ बड़े ही सरल और सहज अंदाज में बातचीत की। उन्होंने न केवल बच्चों की बातों को ध्यान से सुना, बल्कि उनसे विधानसभा के इस पूरे भ्रमण और वहां की कार्यप्रणाली को देखने के बाद उनके व्यक्तिगत अनुभवों के बारे में भी पूछा। बच्चों के साथ इस प्रकार का सीधा और खुला संवाद शासन के मुखिया और आम जनता की भावी पीढ़ी के बीच की दूरियों को मिटाने का एक बेहतरीन माध्यम साबित हुआ।
आगर-मालवा और जबलपुर के मेधावी विद्यार्थियों का विधानसभा आगमन इस उच्चस्तरीय और प्रेरणादायी संवाद कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के दो प्रमुख जिलों के छात्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात करने वालों में मुख्य रूप से आगर-मालवा जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी अंचलों से आए 50 से अधिक मेधावी विद्यार्थी शामिल थे। इसके साथ ही, स्टेम फील्ड इंटरनेशनल स्कूल, जबलपुर से आए 40 प्रतिभावान विद्यार्थियों ने भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट की। इन दोनों जिलों के छात्र-छात्राएं विशेष रूप से विधानसभा के मानसून सत्र की सजीव कार्यवाही को अपनी आँखों से देखने के लिए भोपाल पहुँचे थे। विधान भवन के गलियारों और सदन की गैलरी में इन बच्चों की उपस्थिति ने पूरे राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल में एक नई ऊर्जा और ताजेंसी भर दी थी, जिसे देखकर सभी ने इन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संसदीय लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखने का अनूठा अनुभव मुख्यमंत्री के साथ अपनी बातचीत के दौरान विद्यार्थियों ने बेहद उत्साहपूर्वक अपने अनुभव साझा किए। बच्चों ने बताया कि यह उनके जीवन का एक ऐसा पहला और अभूतपूर्व अवसर था जब उन्हें मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र के सदन के भीतर चल रही सजीव कार्यवाही को बिल्कुल नजदीक से देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दूर बैठकर टेलीविजन पर खबरें देखने और सीधे सदन के अंदर बैठकर जनप्रतिनिधियों की बहस, तर्कों और विधायी कार्यों को देखने के अनुभव में जमीन-आसमान का अंतर होता है। छात्रों ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र की इस जटिल और सुंदर कार्यप्रणाली को अपनी आंखों से देखना उनके लिए केवल एक शैक्षणिक दौरा नहीं था, बल्कि यह उनके जीवन का सबसे अधिक रोचक, ज्ञानवर्धक और जीवनभर प्रेरित करने वाला अनुभव बन गया है।
छात्रों की प्रतिभा, सृजनशीलता और नवाचार की भरपूर सराहना विद्यार्थियों के साथ इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी बौद्धिक क्षमता, उनकी असाधारण प्रतिभा, उनकी सृजनशीलता (Creativity) और उनमें छिपे नवाचार (Innovation) की खुलकर और भरपूर सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बच्चे केवल पढ़ाई में ही आगे नहीं हैं, बल्कि वे कला, विज्ञान और सामाजिक विषयों में भी नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी जिज्ञासा को हमेशा जीवित रखें और हर विषय को गहराई से जानने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने बच्चों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं और मेधावी छात्रों के विकास के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे अपने सपनों को हकीकत में बदल सकें।
स्थानीय विधायकों के मार्गदर्शन में भोपाल पहुँचे मेधावी छात्र इन विद्यार्थियों के इस ऐतिहासिक विधानसभा भ्रमण और मुख्यमंत्री से मुलाकात के पीछे स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन और सहयोग रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगर-मालवा जिले के आगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री माधव सिंह (जिन्हें मधु गहलोत के नाम से भी जाना जाता है) तथा जबलपुर कैंट के लोकप्रिय विधायक श्री अशोक रोहाणी के विशेष मार्गदर्शन और प्रेरणा से इन विद्यार्थियों का दल भोपाल पहुँचा था। जनप्रतिनिधियों द्वारा बच्चों को विधानसभा दिखाने और उन्हें राज्य की सर्वोच्च नीति-निर्धारण प्रक्रिया से रूबरू कराने का यह प्रयास बेहद सराहनीय रहा। इस प्रकार के शैक्षणिक और प्रायोगिक दौरों से विद्यार्थियों में राजनीतिक जागरूकता और देशप्रेम की भावना का विकास होता है, जो अंततः एक सशक्त लोकतंत्र की नींव मजबूत करता है।
विद्यार्थियों द्वारा मुख्यमंत्री को स्व-निर्मित मॉडल और आकर्षक सीनरीज़ भेंट इस सौजन्य भेंट और संवाद कार्यक्रम का एक सबसे खूबसूरत और भावनात्मक पल वह था जब बच्चों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को उपहार भेंट किए। आगर-मालवा और जबलपुर से आए इन मेधावी विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अपने ही कोमल हाथों से विशेष रूप से तैयार किए गए विभिन्न वैज्ञानिक एवं कलात्मक मॉडल तथा बेहद आकर्षक सीनरीज़ भेंट कीं। बच्चों द्वारा अपनी मेहनत से बनाई गई इन कलाकृतियों को पाकर मुख्यमंत्री भी अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने बच्चों की इस रचनात्मकता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और उनके द्वारा दी गई हर एक वस्तु को बड़े स्नेह के साथ स्वीकार किया। यह पल इस बात का गवाह था कि बच्चों और प्रदेश के मुखिया के बीच का यह संवाद कितना आत्मीय और सकारात्मक था।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता: युवाओं की सहभागिता और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर दोहराया कि मध्य प्रदेश की राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास में युवाओं की सहभागिता को लगातार और अधिक बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत है। सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि शिक्षा, रोजगार, कला और नेतृत्व के हर क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने के सुनहरे अवसर मिलें। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि वे अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार और विद्यालय का नाम रोशन करें, बल्कि आगे चलकर देश और प्रदेश के विकास में अपनी सबसे महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभाएं। इस प्रकार यह पूरा कार्यक्रम युवा ऊर्जा, प्रेरणा और सकारात्मकता का एक अनूठा संगम साबित हुआ।
Image Source :https://satna.mpinfo.org
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