विंध्य में मोटे अनाज संरक्षण को मिला नया प्रोत्साहन

त्योंथर: विंध्य क्षेत्र में विलुप्त हो रही पारंपरिक फसलों और देशी बीजों के संरक्षण के प्रयास में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जीवन धारा पर्यावरण रक्षा समिति, त्योंथर ने 16 मई 2026 को नगर पंचायत त्योंथर के वार्ड क्रमांक 8 में “मोटे अनाज संरक्षण एवं किसान प्रशिक्षण सम्मेलन” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का संचालन मध्य प्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री सुदीप सिंह के मार्गदर्शन में हुआ।

सम्मेलन में ज्वार, बाजरा, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी (मंडुआ), सांवा, कांगनी, चेना, कुट्टू और जौ समेत कई पारंपरिक अनाजों और दलहनी फसलों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को इन फसलों के पोषण मूल्य, कम पानी में उत्पादन की क्षमता और स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी गई।

मुख्य अतिथि: नगर परिषद त्योंथर के अध्यक्ष प्रतिनिधि विद्यासागर शुक्ला ‘लाला’ ने कहा कि मोटे अनाज हमारी कृषि परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और जैव विविधता के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने किसानों से देशी बीजों को सुरक्षित रखने और पारंपरिक खेती को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम संचालन: रजनीश पांडेय ने प्राकृतिक खेती, जैव विविधता संरक्षण और मोटे अनाजों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में इनके उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

समिति अध्यक्ष का संबोधन: समिति के अध्यक्ष डी. बी. सिंह ने परंपरागत बीज संरक्षण, जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि के लाभों के बारे में जानकारी दी।

महिलाओं की सहभागिता: इस आयोजन की विशेष उपलब्धि महिलाओं की सक्रिय सहभागिता रही। महिला किसानों ने घरेलू पोषण सुरक्षा, खाद्य विविधता और पारंपरिक बीज संरक्षण में मोटे अनाजों की भूमिका पर अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष किसानों समेत सैकड़ों ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।