आमला। जीआरपी आमला ने बोरदेही रेलवे स्टेशन पर यात्री युवक की हत्या के सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार चल रहे तीन आरोपियों को तमिलनाडु के डिंडीगुल क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए हैं। मामले का मुख्य आरोपी सागर धुर्वे अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
रेल पुलिस अधीक्षक भोपाल अंकित जायसवाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतू डावर एवं उप पुलिस अधीक्षक इटारसी महेन्द्र सिंह कुल्हारा के मार्गदर्शन में जीआरपी टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
*ट्रेन में विवाद के बाद हुई थी हत्या*
जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 को बोरदेही रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना पर जीआरपी आमला मौके पर पहुंची। जांच में मृतक की पहचान अली खान निवासी परतला, जिला छिंदवाड़ा के रूप में हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रेन क्रमांक 19344 में यात्रा के दौरान परासिया स्टेशन पर अली खान और सागर नामक युवक के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद बोरदेही स्टेशन पर सागर और उसके साथियों ने अली खान को ट्रेन से उतारकर बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटनास्थल निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वैज्ञानिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जीआरपी ने अपराध क्रमांक 87/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) एवं 3(5) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
*पहले चार आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल*
मामले में पूर्व में गिरफ्तार किए गए चार आरोपी—
कन्हैया उर्फ काली
अयान खान
अमित उर्फ जीनू उबनारे
नवीन पाटिल
को न्यायालय में पेश कर जिला जेल बैतूल भेजा जा चुका है।
*तमिलनाडु से दबोचे गए तीन आरोपी*
सायबर सेल, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की सहायता से पुलिस ने फरार आरोपियों—
कमलेश उर्फ बाबा रामदेव (21 वर्ष)
अंकुश कोराईक (22 वर्ष)
विधि विरुद्ध बालक 1
को तमिलनाडु के डिंडीगुल क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए हैं।
*मुख्य आरोपी सागर अब भी पुलिस की पकड़ से दूर*
पुलिस के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी सागर धुर्वे अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए जीआरपी की विशेष टीम लगातार दबिश दे रही है।
*इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका*
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक प्रमोद पाटील, सउनि सुरेश दाते, दिलीप रघुवंशी, रविश यादव, मनोज नागले, दिलीप नरवरे, संदीप जगदेव, नरेन्द्र माहौर, गजानंद अडकने, कमलेश कौशल, पवन यादव, सनोज धुर्वे, खुशरु नरें, सायबर सेल के अमित सक्सेना, संतोष पटेल तथा कंट्रोल रूम के देवेन्द्र सिंह और मनोज कुमार यादव सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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