बैतूल जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण, प्रशासनिक पारदर्शिता और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय जनसुनवाई का भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। प्रातः 11 बजे से शुरू हुई इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में बैतूल जिले के कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने स्वयं कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उपस्थित रहकर दूर-दराज से आए सैकड़ों नागरिकों की समस्याएं बेहद तन्मयता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। इस साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान राजस्व विभाग, भूमि विवाद, वृद्धावस्था एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पेयजल, अतिक्रमण हटाने और शिक्षा से जुड़ी दर्जनों शिकायतें व आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कई गंभीर प्रकरणों में संबंधित विभागीय अधिकारियों से दूरभाष पर तत्काल चर्चा की और मौके पर ही उनका संतुष्टिकारक निराकरण करवाया। वहीं शेष जटिल मामलों में एक निश्चित और कम समय-सीमा तय करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र अति शीघ्र समाधान करने के कड़े निर्देश दिए।

विभिन्न तहसीलों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए मामलों पर त्वरित कार्रवाई

जनसुनवाई के दौरान बैतूल जिले के अलग-अलग ग्रामीण अंचलों, ब्लॉकों और तहसीलों से बड़ी संख्या में पीड़ित नागरिक अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। प्रभात पट्टन तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम हिवरखेड़ से आईं निवासी अनीता सोनोने ने जनसुनवाई में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए शिकायत दर्ज कराई कि उनका जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है, जिससे उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आवेदक की इस समस्या को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बेहद गंभीरता से सुना और तुरंत प्रभात पट्टन के तहसीलदार को निर्देशित किया कि वे इस मामले की तत्काल जांच करें और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई कर आवेदक की समस्या का संतोषजनक निराकरण करवाएं। इस पूरी जनसुनवाई प्रक्रिया के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट सहित जिले के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे और बारी-बारी से नागरिकों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान में सहयोग दिया।

अवैध कब्जे, सीमांकन विवाद और अतिक्रमण हटाने के कड़े निर्देश

कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने जनसुनवाई में प्राप्त भूमि विवादों, जमीनों पर अवैध कब्जों और शहरी क्षेत्रों के अतिक्रमण के मामलों पर विशेष रूप से कड़ा रुख अपनाते हुए मैदानी अमले को मौके पर जाकर त्वरित कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए। आज की जनसुनवाई में आए कुछ प्रमुख और संवेदनशील प्रकरण निम्नलिखित रहे:

  • भूमि कब्जा और सीमांकन संबंधी विवाद: ग्राम सेहरा निवासी भूरा प्रभु दयाल ने अपनी जमीन पर वैध कब्जा दिलाने और न्याय की गुहार लगाने के लिए कलेक्टर को एक लिखित आवेदन सौंपा। इस प्राप्त आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने एसडीएम शाहपुर को आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई कर आवेदक की समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, शाहपुर क्षेत्र की निवासी शीला नायक ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी भूमि की कानूनी रूप से रजिस्ट्री होने और आधिकारिक सीमांकन कराए जाने के बावजूद कुछ अनावेदक व्यक्तियों द्वारा जबरन उनकी जमीन पर फसल बोई जा रही है। इस गंभीर शिकायत को सुनते ही कलेक्टर ने शाहपुर तहसीलदार को व्यक्तिगत रूप से मामले की जांच करने और तत्काल उचित कानूनी कार्रवाई कर आवेदक को न्याय दिलाने के निर्देश दिए।

  • शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई: बैतूल शहर के कोठी बाजार क्षेत्र के व्यापारियों और नागरिकों द्वारा सराय कॉम्प्लेक्स परिसर में हो रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने के संबंध में एक विस्तृत आवेदन प्रस्तुत किया गया। इस जनहित याचिका जैसे आवेदन पर तुरंत कार्रवाई करते हुए कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने बैतूल नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को निर्देशित किया कि वे तत्काल स्थल का निरीक्षण करें और सराय कॉम्प्लेक्स के आसपास के सभी अतिक्रमणों को चिह्नित करें और बिना किसी विलंब के उन्हें पूरी तरह से हटवाएं, ताकि आम जनता और व्यापारियों को आवागमन में कोई असुविधा न हो।

शिक्षा, पशुपालन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े मामले

कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के समक्ष केवल राजस्व और भूमि से जुड़े मामले ही नहीं आए, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण आवेदन भी प्रस्तुत किए गए, जिन पर त्वरित प्रशासनिक कदम उठाए गए:

  • शिक्षा और कॉलेज प्रवेश से जुड़ी समस्या: घोड़ाडोंगरी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम नीमपानी की रहने वाली छात्रा मुस्कान ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर आवेदन दिया कि उन्हें 'श्री धन्वंतरी फार्मेसी कॉलेज देवगांव' से अपना एडमिशन कैंसल (प्रवेश निरस्त) करवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस शैक्षणिक मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर ने संबंधित तकनीकी शिक्षा अधिकारी और कॉलेज प्रबंधन को नियमानुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने तथा छात्रा की समस्या का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

  • पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ: भैंसदेही तहसील के ग्राम खामला निवासी युवा शिवा ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें पशुपालन विभाग द्वारा संचालित 'राष्ट्रीय पशुधन योजना' के अंतर्गत मिलने वाली शासकीय सब्सिडी का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इस वित्तीय और विभागीय सहायता से जुड़े प्रकरण पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को निर्देशित किया कि वे पूरे मामले की बारीकी से जांच करें और पात्र हितग्राही को समयबद्ध रूप से सब्सिडी की राशि का भुगतान सुनिश्चित करें।

  • ग्रामीण सड़क और आवागमन की सुविधा: आठनेर तहसील के ग्राम जावरा के ग्रामीण जनों ने एकजुट होकर एक सामूहिक आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने ग्राम जावरा से लेकर स्थानीय हाई स्कूल तक पक्के सड़क मार्ग के निर्माण की मांग की। बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों के आवागमन की इस बुनियादी जरूरत को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने संबंधित ग्रामीण विकास एवं निर्माण विभाग के अधिकारी को त्वरित रूप से प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

निष्कर्ष और प्रशासनिक चेतावनी

जनसुनवाई के सफल और व्यापक समापन के अवसर पर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सभी विभागों के जिला अधिकारियों, तहसीलदारों, जनपद सीईओ और मैदानी कर्मचारियों को कड़े शब्दों में यह चेतावनी दी कि शासन की जनहितैषी योजनाओं और आम जनता की शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या हीला-हवाली बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य केवल दफ्तरों में फाइलें चलाना नहीं है, बल्कि मैदानी स्तर पर आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाना और उनकी समस्याओं का समय-सीमा के भीतर संतुष्टप्रद समाधान देना है। इस प्रकार की नियमित और संवेदनशील जनसुनवाई से आम जनता का शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होता है।

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