1. प्रस्तावना और मुख्य उद्देश्य

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) सतना के विकास, सुदृढ़ीकरण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुरूवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) सतना की एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें संस्थान विकास समिति के तमाम सम्मानित सदस्य और अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य डाइट परिसर की संपत्तियों के बेहतर उपयोग, आय के स्त्रोतों में वृद्धि तथा संस्थान के भवनों एवं बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करना था। बैठक के दौरान कई अहम प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिससे सतना जिले में शैक्षणिक प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को एक नई गति मिलेगी।

2. मैदान के किराए में वृद्धि पर ऐतिहासिक सहमति

डाइट संस्थान विकास समिति की इस बैठक का सबसे प्रमुख और बड़ा निर्णय परिसर स्थित खेल एवं सांस्कृतिक मैदान के किराए में संशोधन को लेकर रहा। वर्तमान परिस्थितियों और बाजार के अनुरूप संस्थान की आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव रखा गया था। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि डाइट परिसर स्थित मैदान का किराया जो पहले 10 हजार रूपये प्रतिदिन था, उसे अब बढ़ाकर सीधा 20 हजार रूपये प्रतिदिन कर दिया जाएगा। इस निर्णय से संस्थान की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका सीधा उपयोग डाइट परिसर के विकास कार्यों, रख-रखाव और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए किया जाएगा। मैदान के किराए में हुई इस दो गुनी वृद्धि को संस्थान की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

3. संस्थान विकास समिति की आय का उपयोग और बुनियादी ढांचे का विकास

समिति की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि संस्थान विकास समिति की आय से मिलने वाली राशि का उपयोग पूरी तरह से डाइट परिसर के उत्थान में किया जाएगा। इस फंड के माध्यम से डाइट के पुराने और जर्रे-जर्रे हो चुके भवनों की व्यापक मरम्मत, उनकी रंग-रोगन (पुताई) तथा अन्य आवश्यक सुविधा व्यवस्थाओं के कार्य युद्ध स्तर पर किए जाएंगे। संस्थान के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई और प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। प्राचार्य विष्णु त्रिपाठी ने बैठक के दौरान बताया कि संस्थान की सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने बेहद आवश्यक हैं, जिसके तहत डाइट के जीर्ण-शीर्ण हो चुके तीनों मुख्य द्वारों को गिराकर वहां नए और आधुनिक मुख्य द्वारों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, संस्थान के मुख्य द्वार के सामने स्थित सुंदर उद्यान के सौंदर्यीकरण और परिसर की सुरक्षा के लिए मजबूत बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा।

4. गरिमामयी उपस्थिति एवं समिति के सदस्य

कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में सतना जिले के कई प्रबुद्ध और प्रशासनिक अधिकारी तथा समिति के सदस्य पूरी सक्रियता के साथ शामिल हुए। बैठक में उपस्थित प्रमुख महानुभावों का विवरण इस प्रकार है:

  • डॉ. सतीश कुमार एस (कलेक्टर): बैठक की अध्यक्षता करते हुए इन्होंने सभी विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

  • सुस्मिता सिंह: जिला पंचायत उपाध्यक्ष के रूप में इन्होंने बैठक में भाग लिया और ग्रामीण तथा क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।

  • विष्णु त्रिपाठी: डाइट के प्राचार्य, जिन्होंने संस्थान की वर्तमान स्थिति, एजेंडा और भविष्य की योजनाओं का पूरा विवरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

  • गिरीश अग्निहोत्री: सहायक संचालक शिक्षा, जिनकी उपस्थिति से शैक्षणिक नीतियों के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।

  • के.एस. बघेल: प्राचार्य, जिन्होंने तकनीकी और प्रशासनिक मामलों पर अपने विचार रखे।

  • अंजनी त्रिपाठी: सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक, जिनके लंबे प्रशासनिक अनुभव का लाभ बैठक के दौरान मिला।

  • रूपनारायण पाण्डेय: प्राचार्य, जो बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे।

  • कुमकुम भट्टाचार्य: सेवानिवृत्त प्राचार्य, जिन्होंने संस्थान के पुराने इतिहास और सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

  • इनके अलावा, संस्थान विकास समिति के अन्य कई सदस्य भी बैठक में मौजूद रहे, जिनके सहयोग से सभी एजेंडों पर सहमति बनी।

5. तकनीकी उन्नयन, ऊर्जा बचत और सौर ऊर्जा प्लांट

आधुनिक युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डाइट सतना को ऊर्जावान और तकनीकी रूप से संपन्न बनाने के लिए कई और महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। बिजली की भारी-भरकम लागत और बिलों से राहत पाने के लिए ऊर्जा विकास निगम द्वारा 'रूफ टॉप फोटो वोल्टिक पावर योजना' के तहत संस्थान की तीन छतों पर 25 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल प्लांट पहले ही लगाया जा चुका है। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि इस प्लांट को जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ चालू कराया जाए, ताकि संस्थान बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन सके और राजस्व की बचत हो सके। इसके साथ ही, संस्थान के अग्र भाग (फ्रंट एरिया) पर एक अत्याधुनिक वाहन पार्किंग शेड का निर्माण कराया जाएगा ताकि आने वाले वाहनों को सुरक्षित स्थान मिल सके। इसके अलावा, परिसर में स्थित प्रतिष्ठित विवेकानंद सभागार को पूरी तरह से सर्वसुविधा युक्त (मॉडर्न और वेल-इक्विप्ड) बनाने की भी पुख्ता योजना तैयार की गई है, जिससे वहां बड़े आयोजनों को सुगमता से संपन्न कराया जा सके।

6. छात्रावास का पुनरुद्धार और प्रयोगशाला का विकास

डाइट परिसर के पुराने और उपेक्षित पड़े हिस्सों को फिर से जीवंत करने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में यह तय किया गया कि संस्थान परिसर में पूर्व में संचालित छात्रावास भवन की आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी। इस भवन के रख-रखाव और इसमें नए सिरे से फर्नीचर की मुकम्मल व्यवस्था करके इसे पुनर्संयोजित कर पुनरुपयोगी (रेयूजेबल) बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों या आगंतुकों को ठहरने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, संस्थान के विज्ञान कक्ष को एक उच्च स्तरीय और आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को प्रायोगिक ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिल सके।

7. निष्कर्ष और एजेंडावार क्रियान्वयन

"समिति की बैठक में निर्धारित एजेंडावार सभी सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की और डाइट में पठन-पाठन, सुरक्षा, सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे से जुड़े तमाम कार्यों को शीघ्रता से कराए जाने का अंतिम निर्णय लिया।"

सतना जिले के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में आयोजित यह बैठक प्रशासनिक पारदर्शिता और विकास के दृष्टिकोण से बेहद सफल रही। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के मार्गदर्शन और सभी सदस्यों के आपसी सहयोग से लिए गए ये निर्णय न केवल डाइट की रूपरेखा बदल देंगे, बल्कि इसे मध्य प्रदेश के सबसे बेहतरीन शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में शुमार करेंगे। बैठक के अंत में सभी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिए गए हैं।

image source : https://satna.mpinfo.org