मध्य प्रदेश के कटनी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत शासकीय उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न की कालाबाजारी और हेराफेरी करने वालों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा समय-सीमा की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि शासकीय राशन को खुर्द-बुर्द करने वाले और जनता के हक का अनाज हड़पने वाले दुकानदारों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसी क्रम में मंगलवार को कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान देवरी-बिछिया में लगभग 6 लाख रुपये से अधिक के खाद्यान्न में हेराफेरी और गबन का मामला सामने आने के बाद ढीमरखेड़ा पुलिस थाने में तीन आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।

तीन आरोपियों के विरुद्ध दर्ज हुआ गंभीर धाराओं में मामला

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वंदना जैन द्वारा प्रस्तुत किए गए औपचारिक आवेदन के आधार पर शासकीय उचित मूल्य दुकान देवरी-बिछिया से जुड़े तीन जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। आरोपी व्यक्तियों में दुकान की पूर्व विक्रेता एवं अनामिका आजीविका महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती जयंती बाई बर्मन (पत्नी इन्द्रकुमार बर्मन, निवासी देवरी-बिछिया), धर्मेन्द्र पटेल (पिता रमेश पटेल, निवासी पौड़ी कला) तथा वर्तमान विक्रेता अभिलाष रंजन बर्मन (पिता नारायण बर्मन, निवासी देवरी-बिछिया) शामिल हैं।

इन तीनों पर शासकीय खाद्यान्न को खुर्द-बुर्द करने, गबन करने और कालाबाजारी के गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(5) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। इस सख्त कानूनी कार्रवाई से जिले के अन्य भ्रष्ट दुकान संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।

अनियमितता की जाँच: एक दुकान के पाए गए दो वितरण केंद्र

खाद्य विभाग द्वारा की गई विस्तृत जाँच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जाँच के दौरान यह पाया गया कि ग्राम पंचायत देवरी-बिछिया के अंतर्गत कुल तीन गाँव आते हैं, जिनके नाम देवरी, बिछिया और पिपरिया हैं। पिपरिया गाँव की दूरी देवरी स्थित मुख्य दुकान से लगभग 8 किलोमीटर दूर है, जिसके चलते पिपरिया में भी एक नवीन भवन से खाद्यान्न का वितरण किया जाना पाया गया। इसके अतिरिक्त, मूल ग्राम देवरी से भी नियमित रूप से खाद्यान्न का वितरण होना जाँच में सामने आया।

इस प्रकार, एक ही शासकीय उचित मूल्य दुकान के नियमों के विरुद्ध दो अलग-अलग वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे थे। हैरान करने वाली बात यह थी कि इस तरह से दो केंद्र चलाने के संबंध में संबंधित विक्रेताओं या समिति द्वारा प्रशासनिक स्तर पर कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जो कि सीधे तौर पर प्रशासनिक नियमों का खुला उल्लंघन है।

एईपीडीएस पोर्टल (AEपीडीएस) और भौतिक स्टॉक में भारी अंतर

खाद्य विभाग की टीम द्वारा जब शासकीय उचित मूल्य दुकान देवरी-बिछिया का औचक निरीक्षण किया गया, तो गंभीर वित्तीय और भौतिक अनियमितताएँ उजागर हुईं। ग्राम देवरी स्थित दुकान के भौतिक सत्यापन के दौरान, एईपीडीएस (AEपीडीएस) पोर्टल पर ऑनलाइन प्रदर्शित होने वाले स्टॉक और मौके पर गोदाम में उपलब्ध वास्तविक भौतिक स्टॉक के बीच बहुत बड़ा अंतर पाया गया।

जाँच रिपोर्ट के अनुसार, दुकान के रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में भारी मात्रा में खाद्यान्न गायब मिला। अपयोजन (गबन) किए गए खाद्यान्न की मात्रा का विवरण इस प्रकार है:

  • गेहूँ: 9,998.08 किलोग्राम

  • चावल: 12,075.87 किलोग्राम

  • नमक: 631 किलोग्राम

  • शक्कर: 1 किलोग्राम

इन आवश्यक सामग्रियों का बिना किसी वैध वितरण रिकॉर्ड के गायब मिलना यह साबित करता है कि बड़े पैमाने पर राशन की कालाबाजारी की गई है।

6.18 लाख रुपये से अधिक की राशि पाई गई वसूली योग्य

प्रशासन द्वारा तैयार की गई अंतिम निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, अपयोजित और खुर्द-बुर्द किए गए खाद्यान्न की वर्तमान बाजार दरों के आधार पर वित्तीय मूल्यांकन किया गया है। इस मूल्यांकन में गबन की गई कुल राशि का सटीक आंकलन सामने आया है:

  • गेहूँ का मूल्य: 9,998.08 किलोग्राम गेहूँ की बाजार कीमत के आधार पर 2 लाख 49 हजार 952 रुपये की हेराफेरी पाई गई।

  • चावल का मूल्य: 12,075.87 किलोग्राम चावल का बाजार भाव के अनुसार 3 लाख 62 हजार 276 रुपये का गबन पाया गया।

  • नमक का मूल्य: 631 किलोग्राम नमक का कुल मूल्य 6 हजार 310 रुपये आंका गया।

इस प्रकार, कुल मिलाकर 6 लाख 18 हजार 586 रुपये की भारी-भरकम राशि गबन के रूप में वसूली योग्य पाई गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि गरीबों के हक के अनाज की हेराफेरी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में आगे की कानूनी व वित्तीय वसूली की प्रक्रिया भी पूरी कठोरता से अमल में लाई जाएगी।

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