आमला। सिविल अस्पताल आमला में इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा लगाई गई बोतल में कथित तौर पर इंजेक्शन डालने के बाद मरीज का हाथ खराब होने का मामला सामने आया है। पीड़ित सुशील सोनी का आरोप है कि करीब 8 दिन पहले डॉक्टर राठौर द्वारा उसे बोतल लगाई गई थी और उसमें कोई इंजेक्शन डाला गया, जिसके बाद उसके हाथ में गंभीर परेशानी हो गई। पीड़ित का कहना है कि अब उसका हाथ सामान्य रूप से काम नहीं कर पा रहा है।

 

पीड़ित के अनुसार, मामले की शिकायत करने पर बीएमओ की ओर से उसे अस्पताल आने तथा बैतूल जिला अस्पताल में इलाज करवाने की बात कही गई। इसके बाद पीड़ित थाने भी पहुंचा, लेकिन वहां से उसे अस्पताल जाकर इलाज कराने की सलाह दी गई। पीड़ित का आरोप है कि उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

 

पीड़ित ने सवाल उठाया है कि यदि इलाज के दौरान लापरवाही हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं की जा रही है। उसका आरोप है कि पूरे मामले में डॉक्टर राठौर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

पीड़ित ने मांग की है कि मामले की चिकित्सकीय जांच कराकर दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसके हाथ के इलाज की उचित व्यवस्था कराई जाए। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।

 

*इनका कहना है*

मुझे इस सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं है ,कल आप हॉस्पिटल आ जाइए।

*प्रदीप जयंत*

*बीएमओ सिविल हॉस्पिटल आमला*