मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के अटल बिहारी वाजपेई शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया गया है। यहाँ टाटा कैंसर अस्पताल, मुंबई के सहयोग से स्थापित कैंसर डे-केयर कीमोथेरेपी यूनिट का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस नई सुविधा के शुरू होने से अब विदिशा और आसपास के अन्य जिलों के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि उन्हें उनके अपने गृह जिले में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ आसानी से मिल सकेंगी। इस यूनिट के उद्घाटन समारोह में देश और प्रदेश के कई दिग्गज नेता वर्चुअल और प्रत्यक्ष रूप से जुड़े।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति और वर्चुअल संबोधन
इस महत्वपूर्ण उद्घाटन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इसके अलावा, कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय किसान कल्याण तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र), प्रधानमंत्री कार्यालय और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के राज्य मंत्री, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह द्वारा फीता काटकर किया गया।
उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल का संदेश: "इलाज बेहतर हो, समय पर हो और घर के करीब हो"
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आज विदिशा के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा दिन है। यह केवल एक डे केयर कीमोथेरेपी सेंटर का उद्घाटन मात्र नहीं है, बल्कि विदिशा और आसपास के क्षेत्र के कैंसर मरीजों के लिए जीवनरक्षक इलाज को उनके घर के और अधिक करीब लाने का एक सार्थक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि कैंसर का इलाज केवल एक शारीरिक बीमारी का उपचार नहीं है, बल्कि यह मरीज और उसके पूरे परिवार के लिए एक लंबी और बेहद कठिन यात्रा होती है। बार-बार भोपाल या अन्य महानगरों की यात्रा करना, आने-जाने का भारी खर्च, कीमती समय की बर्बादी और बीमारी के साथ होने वाली मानसिक अशांति—इन सभी समस्याओं को कम करना शासन की मुख्य जिम्मेदारी है।
जून माह में आयोजित हुआ था विशेष स्क्रीनिंग अभियान: श्री शुक्ल ने जानकारी दी कि इस बड़ी पहल की शुरुआत इसी वर्ष जून में आयोजित एक कैंसर स्क्रीनिंग कैंप से हुई थी। 5 से 7 जून के बीच आयोजित इस विशेष स्वास्थ्य अभियान में लगभग 3,000 लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग एवं विभिन्न प्रकार की मेडिकल जाँच की गई थी। इस दौरान लगभग 600 मरीजों में कैंसर की पुष्टि हुई और लगभग 250 संभावित कैंसर मरीजों को चिन्हित किया गया।
शासन का उद्देश्य केवल बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं था, बल्कि इन सभी मरीजों के आगे के उपचार—जैसे सर्जरी, रेडियोथेरेपी और अन्य आवश्यक कैंसर उपचार के लिए भोपाल के प्रतिष्ठित कैंसर अस्पतालों तथा टाटा मेमोरियल सेंटर की मुंबई स्थित इकाई ACTREC के साथ मिलकर विशेष उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
विशेष प्रशिक्षित चिकित्सा दल और प्रोटोकॉल आधारित उपचार: वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में सीधे तौर पर कैंसर विशेषज्ञ (ऑन्कोलॉजिस्ट) उपलब्ध न होने के कारण, एम्स (AIIMS) भोपाल और ACTREC के विशेषज्ञों के समन्वय से विशेष उपचार प्रोटोकॉल तैयार किए गए हैं। इसी निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार अब विदिशा मेडिकल कॉलेज में मरीजों को कीमोथेरेपी दी जाएगी। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मेडिसिन विभाग के 2 कुशल चिकित्सकों और 7 समर्पित नर्सिंग अधिकारियों को विशेष रूप से ACTREC, मुंबई में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिलाया गया है।
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के विचार: स्थानीय स्तर पर मिलेगी राहत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "पहला सुख निरोगी काया" है। कैंसर एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है, इसलिए इसके उपचार के साथ-साथ समय पर सटीक जाँच और जन-जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि विदिशा में कैंसर डे केयर सेंटर की शुरुआत होने से अब स्थानीय स्तर पर टाटा मेमोरियल अस्पताल के तकनीकी और चिकित्सकीय सहयोग से बेहतरीन उपचार मिल सकेगा। विदिशा जिले में कैंसर के इलाज की इन सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। इससे पहले आयोजित किए गए शिविर में लगभग 3,000 लोगों की जाँच की गई थी, जिसमें करीब 600 मरीजों में कैंसर की पुष्टि हुई थी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में विदिशा में एक पूर्ण विकसित कैंसर अस्पताल स्थापित करने की दिशा में भी तेज गति से कार्य किया जा रहा है।
श्री चौहान ने उपस्थित जनसमूह और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कैंसर जैसी घातक और गंभीर बीमारी से बचाव के लिए सभी को नशे से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और नशीले पदार्थों का त्याग करके कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह का संबोधन: टाटा समूह के प्रयास और वैश्विक उपयोगिता
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि टाटा समूह द्वारा कैंसर के क्षेत्र में किए जा रहे शोध और सामाजिक प्रयास आने वाले समय में न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अत्यंत उपयोगी और वरदान साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी यह स्पष्ट और दूरदर्शी दृष्टिकोण है कि भारत की धरती पर होने वाला हर वैज्ञानिक एवं चिकित्सीय शोध पूरी मानव जाति के कल्याण के लिए समर्पित होना चाहिए। इसी भावना के साथ देश में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि टाटा समूह द्वारा पिछले 11 वर्षों के अंतराल में देश भर में 11 अत्याधुनिक अस्पताल स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, देश भर में 300 से अधिक ग्रिड स्थापित किए गए हैं ताकि कैंसर से पीड़ित मरीजों को बिना किसी देरी के समय पर और सुलभ उपचार मिल सके।
प्रदेश में मजबूत हो रही कैंसर उपचार की पूरी श्रृंखला
शासन की आगामी योजनाओं का जिक्र करते हुए अवगत कराया गया कि प्रदेश में कैंसर उपचार की पूरी श्रृंखला को बेहद मजबूत किया जा रहा है। लक्ष्य केवल कीमोथेरेपी की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि कैंसर के संपूर्ण उपचार—यानी जाँच से लेकर सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन तक—की पूरी श्रृंखला को एकीकृत करना है।
इसी दिशा में प्रदेश के पुराने पाँच शासकीय मेडिकल कॉलेजों में उन्नत Linear Accelerator मशीनों के माध्यम से आधुनिक रेडिएशन थेरेपी तथा Brachytherapy की सुविधाएँ बहुत जल्द शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा, कैंसर की बीमारी की सटीक जाँच और स्टेजिंग के लिए आधुनिक PET Scan की सुविधा भी अतिशीघ्र प्रारंभ होने वाली है। इसका सीधा मतलब यह होगा कि भविष्य में मरीजों को कैंसर के इलाज हेतु अलग-अलग चिकित्सा सुविधाओं के लिए लगातार अन्य महानगरों और दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
उद्घाटन समारोह में प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मनीष निगम ने कीमोथेरेपी डे केयर सेंटर के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। इस गरिमामयी उद्घाटन कार्यक्रम में एसीटीईआरसी (ACTREC) और एम्स भोपाल के सम्मानित डायरेक्टर के साथ-साथ विदिशा के स्थानीय विधायक श्री मुकेश टंडन ने भी अपने विचार रखे।
समारोह में मध्य प्रदेश शासन के आनंद विभाग के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, कुरवाई विधायक श्री हरिसिंह सप्रे, बासौदा विधायक श्री हरिसिंह रघुवंशी, सांची विधायक श्री प्रभुराम चौधरी, बुधनी विधायक श्री रमाकांत भार्गव, श्री महाराजसिंह, श्री राममोहन बघेल, और श्री राकेश जादौन सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
image source: https://vidisha.mpinfo.org
Continue With Google