1. प्रस्तावना और मुख्य उद्देश्य

जिले के किसानों के आर्थिक उन्नयन में सहकारिता की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बुनियादी भूमिका होती है। इस भूमिका को और अधिक सशक्त, पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक एवं सरल ईजी-फाइनेंसिंग सिस्टम विकसित करने की दिशा में कार्य किए जाने की आवश्यकता है। यह महत्वपूर्ण बात जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की प्रशासक एवं कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने नरसिंहपुर जिले में आयोजित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक नरसिंहपुर की 115वीं वार्षिक आमसभा के दौरान कही। इस आमसभा में जिले के किसानों के उत्थान और सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीकी से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे सहकारिता के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार हो सके।

2. गोदामों के सुधार और कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के निर्देश

कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने वार्षिक आमसभा को संबोधित करते हुए सहकारी समितियों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सहकारी समितियों के जो गोदाम वर्तमान में जर्जर स्थिति में हैं, उनमें आवश्यक सुधार और मरम्मत के कार्य तुरंत कराए जाएं। इसके साथ ही, जिन समितियों के पास पहले से बेहतर और व्यवस्थित गोदाम उपलब्ध हैं, उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों की उपज को सुरक्षित रखने में कोई असुविधा न हो। कलेक्टर ने यह भी जोर देकर कहा कि सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से सुदृढ़ बनाया जाए ताकि जिले के किसानों को शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं, समय पर कृषि ऋण तथा अन्य आवश्यक वित्तीय सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।

3. उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी एवं समितियां सम्मानित

बैठक के दौरान बैंक एवं समिति स्तर पर उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों तथा विभिन्न समितियों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने अपने हाथों से इन सभी को पुरस्कृत किया, जिनका विवरण इस प्रकार है:

  • श्री अरविंद कौरव (शाखा प्रबंधक, सालीचौका): इन्हें बैंक के अंतर्गत सर्वाधिक अमानत वृद्धि दर्ज करने के लिए सम्मानित किया गया.

  • श्री गणपत सिंह ठाकुर (शाखा प्रबंधक, गोटेगांव): इन्हें ऋणों की सर्वाधिक वसूली करने के लिए विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया.

  • श्री वीरेंद्र सिंह ठाकुर (शाखा प्रबंधक, गाडरवारा कृषि शाखा): इन्हें चालू वर्ष के दौरान सर्वाधिक कृषि ऋण वसूली करने के लिए सम्मानित किया गया.

  • श्री संतराम चौधरी (शाखा प्रबंधक, करकबेल): इन्हें सर्वाधिक अकृषि ऋण वितरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया.

  • श्री विजेंद्र सिंह पटेल (शाखा प्रबंधक, सांईखेड़ा): इन्हें सर्वाधिक ऋण वितरण करने की उपलब्धि पर सम्मानित किया गया.

  • समिति स्तर पर 100 प्रतिशत वसूली: चालू वर्ष में मांग के विरुद्ध शत-प्रतिशत (100 प्रतिशत) वसूली करने वाली सभी समितियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.

  • श्री देवेंद्र चौरसिया (प्रबंधक, नरसिंहपुर समिति): इन्हें सर्वाधिक नवीन सदस्य बनाए जाने के उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया.

  • श्री मनोज कौरव (समिति प्रभारी, चारगांव समिति): इन्हें समिति स्तर पर सर्वाधिक 20.90 करोड़ रुपये की बंपर कृषि ऋण वसूली करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया.

4. बैंक द्वारा दर्ज की गई वित्तीय प्रगति और रिपोर्ट

वार्षिक आमसभा में बैंक के महाप्रबंधक श्री दिग्विजय सिंह पटेल ने वित्तीय वर्ष का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करते हुए कुल 6.34 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। इस वित्तीय अवधि के भीतर बैंक की अंश पूंजी में कुल 2.83 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो निवेशकों और किसानों के बैंक के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, बैंक की कुल कार्यशील पूंजी में 68.75 करोड़ रुपये की भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे बैंक की ऋण देने की क्षमता और वित्तीय स्थिरता में इजाफा हुआ है।

5. सहकारिता और किसान हितैषी योजनाओं का प्रसार

कार्यक्रम के दौरान उप आयुक्त सहकारिता श्री शिवम मिश्रा ने भी अपने विचार रखे और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी तथा किसान हितैषी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा के भीतर सीधे किसानों तक पहुंचाने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सहकारिता के माध्यम से ही किसानों को आर्थिक रूप से पूरी तरह मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है, जिसके लिए सहकारी समितियों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। इस महत्वपूर्ण वार्षिक आमसभा में विभिन्न सहकारी समितियों के प्रशासक तथा बैंक के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री सचिन दड़ा एवं श्री प्रदीप राय ने संयुक्त रूप से किया, जबकि बैंक की लेखा प्रबंधक सुश्री रोशनी दिवाने ने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।

6. निष्कर्ष और भविष्य की रूपरेखा

"जिला सहकारी केंद्रीय बैंक नरसिंहपुर की यह 115वीं वार्षिक आमसभा सहकारिता के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई है, जिसमें वित्तीय प्रगति के साथ-साथ भविष्य के विकास के लिए ठोस रणनीतियां बनाई गईं।"

नरसिंहपुर जिले में सहकारिता आंदोलन को एक नई दिशा देने वाली यह बैठक पूरी तरह सफल रही। बैंक द्वारा 6.34 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित करना और किसानों को आधुनिक ईजी-फाइनेंसिंग सिस्टम से जोड़ने का संकल्प, यह स्पष्ट करता है कि जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और समितियों के सम्मान से कर्मचारियों में और अधिक लगन से कार्य करने की प्रेरणा जागेगी, जिससे आने वाले समय में नरसिंहपुर जिले का सहकारिता ढांचा और अधिक मजबूत होगा।

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