लूट के मकान के बाहर, पुलिस की कार्रवाई अंदर, टीआई के बदमाशों ने खोला बदमाश का राज?
एसपी से शिकायत करना भारी पड़ा? अपराधियों की कार्रवाई से संबंधित बातचीत ने पुलिस से की बातचीत पर कटाक्ष किया सवाल
टीकमगढ़ । तेलंगाना क्षेत्र में डकैती के मामले में करीब 40 दिन बाद भी समंदर में चार बदमाश डकैती कर रहे हैं। फ़ोर्ट्स की स्टूडेंट को लेकर कॉन्स्टैंट मृगतृष्णा के बीच अब मालदीव के चारो के बीच हुई बातचीत के लेखक रविचंद्रन पाठक और संगीतकार लोकेंद्र सिंह परमार के बीच हुई बातचीत सामने आई है। बातचीत में संस्था के प्रभारी ने कथित तौर पर कहा कि आरोप लगाया जा रहा है कि याचिका के बाद अपराधी की कार्रवाई रोक दी गई है।
ऑडियंस में निगम के प्रभारी का कहना है कि पुलिस बोर्ड की सूचना प्रौद्योगिकी जारी थी और राहुल गांधी को पकड़ने की तैयारी थी। इसी दौरान याचिका ने एसपी को अनुमति दे दी। इसके बाद पुलिस के रोके जाने की वह खुद बातचीत में स्वीकार करते हुए बात दे रहे हैं।
थाने के प्रभारी अधिकारी कहते हैं- "हम तो खुद लीड लेकर काम कर रहे थे।" इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग के आदेश पर कार्रवाई रोक दी गई, कार्यालय प्रभारी का कथित जवाब है- “ज्ञान के बाद ही तो रोक दिए गए थे।”
यही बातचीत अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या पुलिस की कार्रवाई या आदेश से प्रभावित हो सकती है? अगर बिल्डरों की कार्रवाई चल रही थी तो फिर 40 दिन बाद भी बिल्डरों की पकड़ से बाहर क्यों हैं?
स्कूल के निर्देशों पर दर्ज हुआ था लूट का मामला
घटना 2 अगस्त की रात की है। टीकमगढ़ निवासी लोकेंद्र सिंह परमार के साथ महेंद्र सागर तालाब के पास कुछ अवशेष म्यूजियम की ओर से गए थे। अगले दिन 3 अगस्त को पीड़ित पक्ष ने एनओके में याचिका दायर की। मामला दर्ज नहीं होने पर उन्होंने एसपीएएल अग्रवाल से मुलाकात की। एसपी के निर्देश के बाद पुलिस ने शिवम जड़तिया, ऋषि जड़तिया, साहिल हरदासानी समेत एक अन्य के खिलाफ बी शूज की धारा 296(बी), 115(2), 309(4) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया।
मामला धारा 309(4) लूट से संबंधित है। इसकी घटना के करीब 40 दिन बाद भी किसी का गर्भपात नहीं हुआ है।
एक के बाद एक आवेदन, फिर भी अपराधी नहीं
लोकेंद्र सिंह ने 7 अगस्त को एसपी को आवेदन दिया था। आरोपियों की जल्दबाज़ी में आपराधिक पक्ष के साथ जमानतदारों पर दबाव बनाने और आपराधिक दावे की याचिका भी दायर की गई। इसके बाद 13 अगस्त को एसपी और फ्लोरिडा के महासचिव पद के लिए आवेदन किया गया।
19 अगस्त को मठाधीश और मंच प्रभारी के बीच फोन पर बातचीत हुई। इसी तरह की बातचीत का ऑडियो अब सामने आया है। मेन्स के अनुसार उसने 8 सितंबर को फिर से चार लोगों की मांग की। उनका कहना है कि 6 अगस्त को जिले के दौरे पर प्रभारी मंत्री कृष्णा गौड़ को भी मामले में अनुमति दी गई थी।
अब पुलिस के सामने आए दो बड़े सवाल
ऑड्स के सामने आने के बाद मामला सिर्फ चौथे की आपराधिक तक सीमित नहीं रहा। पुलिस की तैनाती पर भी सवाल हो रहे हैं। पहला सवाल यह है कि अगर पुलिस मलबे पर कार्रवाई कर रही थी तो वह बीच में क्यों रुकी? और दूसरा, अगर लूट के मामले में समंदर में 40 दिन से लड़के हैं तो उनके अपराधी अब तक क्यों नहीं हो पाए?
एसपी बोले- डॉक्टरों के निर्देश दिए गए हैं
एसपीएएफ़एल अग्रवाल ने बताया कि केस की जांच में स्पेशलिस्ट राहुल कतरे कर रहे हैं। एनएच 11 के अधिकारियों के लिए निर्देश नीचे दिए गए हैं। एसपी के अनुसार वह बाहर और अवकाश पर हैं, वापसी के बाद मामले की जानकारी प्राप्त करें।
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