प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए निजी नर्सिंग होम की जांच पड़ताल करने पहुंचे कथित नेताओं को पुलिस ने किया डिटेन, दी समझाइश, और फिर किया रिहा, प्रदर्शनकारी बोले पुलिस ने कि अभद्रता
स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में लगातार संजय गांधी अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों के खिलाफ निजी प्रैक्टिस से व्यथित आंदोलनकारी बुधवार की दोपहर सिरमौर चौराहा स्थित धरना स्थल से उठकर निजी नर्सिंग होम की सच्चाई दिखाने सिटी हॉस्पिटल पहुंच गए जहां पूर्व में दी गई सूचना से मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले तो प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाइश देने का प्रयास किया लेकिन इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर नोंक झोंक शुरू हो गई और देखते ही देखते मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया हिरासत से छूटने के बाद प्रदर्शनकारीयों का आरोप है कि अहिंसा के साथ हो रही बातचीत के दौरान पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की और उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया, स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में संभागीय संजय गांधी अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक अपना समय संजय गांधी अस्पताल पहुंचने वाले गरीब मरीजों को देने की बजाय अपने खुद के नर्सिंग होम में दे रहे हैं जिसके चलते इस तरह की दुखद घटनाएं संजय गांधी अस्पताल से निकलकर सामने आ रही है, कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मृत्यु भी ऐसे ही लापरवाह चिकित्सकों कि देन है अगर ऐसी मार्मिक घटनाओं से भी सबक लेकर स्वास्थ्य मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देते तो आगामी दिनों में इसके परिणाम बड़े भयावह होंगे
बाइट: 01- प्रमोद शर्मा प्रदर्शनकारी।
02- कुंज बिहारी प्रदर्शनकारी।
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