शराबबंदी की मांग को लेकर कलेक्टर से मिलने 5 घंटे बैठी महिलाएं, कलेक्टर बिना मिले न चले जाए। इसलिए की वाहन की निगरानी। कलेक्टर ने चेंबर में कुछ महिलाओं से मिलकर जानी समस्या, कार्रवाई के आश्वासन के साथ सामाजिक चेतना जगाने की दी राय।
बड़वानी:-कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक 100 से अधिक महिलाएं कलेक्टर से मिलने के लिए बैठी रही। महिलाएं ठीकरी क्षेत्र के विभिन्न गांवों से करीब 40 से 50 किमी दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंची थी। महिलाओं की प्रमुख मांग क्षेत्र में बन रही और बिक रही अवैध कच्ची शराब पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की थी। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्टर से मिलने की जिद लेकर महिलाएं कलेक्ट्रेट भवन के बाहर ही घंटों बैठी रही। वहीं भवन के साइड गेट पर खड़ी कलेक्टर के वाहन की निगरानी की, ताकि कलेक्टर बिना मिले न चले जाए। दरअसल कलेक्टर जयति सिंह सुबह से आसपास क्षेत्र में दौरे पर थी। उसके बाद वे कलेक्टोरेट में बैठक की शुरुआत हुई। अधिकारियों की बैठक शाम 5 बजे तक चली। इस दौरान कलेक्टर से मिलने के लिए महिलाएं भी परिसर में इधर-उधर बैठकर इंतजार करते नजर आई। शाम करीब 5 बजे बैठक खत्म होने के बाद चार पांच महिलाओं का प्रतिनिधि मंडल चेंबर में कलेक्टर से मिला। महिलाओं ने बताया कि ग्राम घटवा, केरवा, करामतपुरा, अभाली, कटोरा, मोईदा क्षेत्र में अवैध रुप से भट्टी सुलगाकर कच्ची शराब बनाकर बेची जा रही हैं। इससे पुरुष, युवा व बच्चे -शराब के आदी हो रहे हैं। नशे में पुरुष घरों में महिलाओं से झगड़े कर रहे हैं। अवैध शराब बनाने, बेचने वालों को रोक टोक करने पर विवाद करते हैं और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देते हैं। सरकार ने नहरों व रास्तों का निर्माण किसानों की सुविधा के लिए किया हैं, लेकिन नहर के रास्ते अवैध शराब परिवहन धड़ल्ले से हो रहा है। इसको लेकर पंचायत से लेकर ठीकरी थाने में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अवैध शराब माफियाओं पर किसी तरह की कोई रोक नहीं लग पा रही है।
ग्राम घटवा के 100 से अधिक महिलाओं ने सेगांव मुख्य मार्ग से रैली के रुप में नारेबाजी करते हुए कलेक्टर गेट पर पहुंची। यहां तहसीलदार को आवेदन सौंपने के बाद कलेक्टर से मिलने की मांग की। दोपहर करीब 12.30 बजे महिलाएं कलेक्टोरेट में पहुंची और कलेक्टर से मिलने का इंतजार करने लगी। इस दौरान अधिकारियों का बैठक का दौर चलने से शाम 5 बजे तक इंतजार किया।
*शिव पंथ से जुड़कर सामाजिक चेतना लाए*
मुलाकात के दौरान कलेक्टर ने महिलाओं से कहा कि महिला शक्ति द्वारा शराबबंदी की मांग की जा रह हैं। यह अच्छा प्रयास है। प्रशासन व पुलिस द्वारा इस पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं कलेक्टर से महिलाओं से कहा कि अवैध शराब निर्माण व विक्रय की रोकथाम के लिए सामाजिक बदलाव का भी प्रयास करें। कलेक्टर ने महिलाओं से आह्वान किया कि जिले के पाटी क्षेत्र में संचालित शिव पंथ की तरह अपने क्षेत्र में सामाजिक जागरुकता बढ़ाने प्रयास करें। सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने का यह अच्छा सकारात्मक प्रयास है।
बड़वानी। जिले के ठीकरी क्षेत्र में अवैध रुप से कच्ची शराब बड़ी मात्रा में बनाकर बेची जा रही हैं। इसके विरोध में सैकड़ों महिलाएं मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंची। हालांकि यहां तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने के बाद महिलाएं कलेक्टर से मिलने के लिए परिसर में शाम 5 बजे तक बैठी रही। इस दौरान कलेक्टर वाहन में बैठकर बिना मिले न चले जाए, इसलिए कई महिलाएं उनके वाहन के इर्दगिर्द खड़े व बैठे रहकर निगरानी करते नजर आई। वहीं शाम 4.30 बजे महिलाएं कलेक्टर भवन के अंदर पहुंचकर बैठ गई। आखिर शाम 5 बजे बाद बैठक खत्म होने के बाद कलेक्टर ने अपने चेंबर में कुछ महिलाओं से मौखिक चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि ग्राम घटवा, केरवा, करामतपुरा, अभाली, कटोरा, मोइंदा क्षेत्र में अवैध रुप से भट्टी सुलगाकर कच्ची शराब बनाकर बेची जा रही हैं। इससे पुरुष, युवा व बच्चे शराब के आदी हो रहे हैं। नशे में पुरुष घरों में महिलाओं से झगड़े कर रहे हैं। अवैध शराब बनाने, बेचने वालों को रोक टोक करने पर विवाद करते हैं और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देते है। सरकार ने नहरों व रास्तों का निर्माण किसानों की सुविधा के लिए किया हैं, लेकिन नहर के रास्ते अवैध शराब परिवहन धड़ल्ले से हो रहा है। इसको लेकर पंचायत से लेकर ठीकरी थाने में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अवैध शराब माफियाओं पर किसी तरह की कोई रोक नहीं लग पा रही है। इस पर कलेक्टर ने जयतिसिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही महिलाओं से कहा कि अवैध शराब निर्माण व विक्रय की रोकथाम के लिए सामाजिक बदलाव का भी प्रयास करें। कलेक्टर ने महिलाओं से आह्वान किया कि जिले के पाटी क्षेत्र में संचालित शिव पंथ की तरह अपने क्षेत्र में सामाजिक जागरुकता बढ़ाने प्रयास करें। सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने का यह अच्छा सकारात्मक प्रयास है।

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