जिला चिकित्सालय में अग्नि आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित
प्लाटून कमांडर ने आपदा प्रबंधन उपकरणों के उपयोग से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने का किया प्रदर्शन

नर्मदापुरम, 
 नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना के निर्देशानुसार जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नर्मदापुरम द्वारा विगत एक सप्ताह से आपदा प्रबंधन के तहत एसडीआरएफ एवं होमगार्ड जवानों को आपदा के समय उचित प्रबंधन एवं बचाव कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गत दिवस कलेक्टर सोनिया मीना एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में सेठानी घाट पर बाढ़ आपदा प्रबंधन के तहत राहत एवं बचाव कार्यों के लिए होमगार्ड जवानों को प्रशिक्षित किया गया।
इसी क्रम में शनिवार को प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित के कुशल मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय परिसर में अग्नि आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल में एसडीईआरएफ–होमगार्ड, जिला चिकित्सालय तथा नगरपालिका की संयुक्त टीम ने भाग लिया और आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल के दौरान प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित एवं शिवराज चौधरी के नेतृत्व में आग लगने की काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई। आग लगने की सूचना मिलते ही इमरजेंसी नंबर 1070 एवं 1079 पर कॉल किया गया, जिसके बाद फायर टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। टीम द्वारा सीढ़ी (लेडर) के माध्यम से फंसे हुए व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा एम्बुलेंस के जरिए घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान आईसीयू वार्ड में आग लगने की स्थिति भी निर्मित की गई। इस दौरान अस्पताल की छत पर फंसी एक बच्ची को प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित द्वारा केरविनर तथा असेण्डर-डिसेण्डर उपकरणों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके साथ ही अन्य घायलों को भी सुरक्षित नीचे उतारकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस पूरी मॉक ड्रिल के दौरान डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबीता राठौर, सिविल सर्जन डॉ. सुनीता कामले सहित जिला चिकित्सालय एवं संबंधित विभागों का स्टाफ उपस्थित रहा। उल्लेखनीय है कि विगत एक सप्ताह से प्रारंभ हुई इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य जिले में बाढ़ व अग्नि जैसी आपदाओं की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय तथा बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना एवं संबंधित विभागों को प्रशिक्षित करना है।