नर्मदापुरम के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में दिखा दुर्लभ वन्यजीवन का रोमांचक दृश्य
नर्मदापुरम जिले के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई परिक्षेत्र में हाल ही में वन्यजीवन का एक बेहद दुर्लभ और रोमांच से भरपूर नजारा देखने को मिला। जंगल सफारी पर निकले पर्यटकों के सामने दो शक्तिशाली नर बाघों के बीच वर्चस्व की जबरदस्त लड़ाई हुई, जिसने सभी को हैरान कर दिया।
जानकारी के अनुसार, इवनिंग सफारी के दौरान मुंबई से आए पर्यटक शिवम और उनके साथी जिप्सी से मढ़ई के घने जंगल में भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान एक तालाब के पास उन्हें दो बाघ दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक बाघ पानी से बाहर निकल रहा था, जबकि दूसरा किनारे पर टहल रहा था। कुछ समय तक दोनों साथ चलते रहे, लेकिन अचानक ही दोनों के बीच क्षेत्रीय अधिकार को लेकर हिंसक संघर्ष शुरू हो गया।
इस संघर्ष में रिजर्व का प्रसिद्ध बाघ ‘शंकरा’ घायल हो गया। उसके दाहिने पैर में चोट आई है। पर्यटकों ने इस दुर्लभ घटना का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही मढ़ई गेट पर वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम ने घायल ‘शंकरा’ को ढूंढ लिया है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, दूसरे नए नर बाघ की तलाश अभी भी जारी है।
इसी बीच, रिजर्व के मटकुली रेंज की नयाखेड़ा बीट से भी बाघों के संघर्ष की खबर सामने आई है। यहां एक बाघ और बाघिन के बीच हुए टकराव में बाघिन के चार महीने के शावक की मौत हो गई, जो वन्यजीवन का एक दुखद पक्ष भी उजागर करता है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के संघर्ष जंगल के प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा हैं, जहां बाघ अपने क्षेत्र और वर्चस्व को बनाए रखने के लिए लड़ते हैं। फिलहाल विभाग की टीम घायल बाघ की निगरानी में जुटी है, ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मढ़ई क्षेत्र में इस घटना के बाद पर्यटकों में उत्साह जरूर बढ़ा है, लेकिन वन विभाग पूरी सतर्कता के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और संतुलन बनाए रखने के लिए अलर्ट मोड पर है।

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