आगासोद औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया की गंभीर चिंता
बीना, मध्य प्रदेश – बीना विधानसभा क्षेत्र के आगासोद औद्योगिक क्षेत्र में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण और गिरते पर्यावरण संतुलन के प्रति एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को लेकर चेताया है कि स्थिति "संवेदनशील समूहों के लिए अस्वस्थ" श्रेणी में आ चुकी है।
एडवोकेट नवैया ने अपने प्रेस वक्तव्य में बताया कि पिछले सप्ताह आगासोद क्षेत्र का AQI 130 से 135 के बीच दर्ज किया गया, जो स्वस्थ पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेड़ों की कटाई, वृक्षारोपण की अनदेखी, और औद्योगिक प्रदूषण के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इसका सीधा असर जनता के स्वास्थ्य पर हो रहा है, जिसमें दमा, सांस संबंधी रोग, और त्वचा रोग जैसी बीमारियाँ शामिल हैं।
उद्योगों की सामाजिक जिम्मेदारी
एडवोकेट नवैया ने कहा कि बीना रिफाइनरी और जेपी पावर प्लांट जैसे बड़े उद्योगों की जिम्मेदारी केवल उत्पादन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए। वर्तमान में, इन उद्योगों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण और हरित क्षेत्र विस्तार के लिए आवश्यक कदम संतोषजनक स्तर पर नहीं उठाए गए हैं।
प्रमुख मांगें और सुझाव
- वास्तविक और स्थायी वृक्षारोपण अभियान का संचालन।
- AQI मॉनिटरिंग की दैनिक सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करना।
- प्रदूषण नियंत्रण यंत्रों की स्वतंत्र जांच।
- दमा और श्वास रोग से प्रभावित नागरिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर।
- CSR फंड का उपयोग पर्यावरण संरक्षण में।
- औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास हरित पट्टी का विकास।
जनता से अपील
एडवोकेट नवैया ने बीना की जनता से अपील की कि वे अपने बुजुर्गों के नाम पर पेड़ लगाएं और उनकी देखभाल करें। उनके अभियान "एक पेड़ बुजुर्गों के नाम" का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और आगामी पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बनेगा और हरियाली ही स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।
एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया
जिला अध्यक्ष, महिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण

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