खकनार

श्री राम नवमी एवम नव वर्ष के शुभ अवसर पर प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी श्री राम नगरी जामुनिया में श्री संगीतमय  श्रीमद भागवत कथा व हरिनाम संकीर्तन  का आयोजन किया जा रहा है  कथा वाचक प,पु,श्री  सुशील चोरे जी महाराज ब्रह्मपुर के अमरवाणी से  कथा के पांचवे  दिन श्री कृष्णा बाल लीला का वर्णन करते कहा कि  जीवन में कभी खुशी आ जाए उस दिन कंजूस मत बनो श्रीमद् भागवत कथा  में लिखा है सुखदेव जी महाराज कहते हैं जीवन में कोई भी संकट आ जाए तो तिल का दान करो नंद बाबा ने जैसे ही सुना की हमारे घर लल्ला  का आगमन हुआ है तो नगर के ब्राह्मणों को बुलाकर 9 लाख गाए में से 2 लाख गाए ब्राह्मणों को दान की नंद बाबा के पास कुल 9 लाख गाए थी दान तो सभी लोग करते हैं दान ऐसी वस्तु का करना चाहिए जो हमें  अधिक प्यारी लगती हो नंद बाबा ने अधिक दूध देने वाली गाय ब्राह्मणों को दान में दी दान ऐसा भी मत करना कि घर धोके तीर्थ करना पड़े जिसे भी दान देना है वह उपयोग में आना चाहिए नहीं तो आजकल के लोग अगर किसी को दान देना है तो वह चीज सस्ती अलग लेते हैं  वही  गिरिराज गोवर्धन जी को छप्पन भोग  का नैवेध लगाकर प्रसादी वितरण की गई